एसआईटी अधिकारियों ने बताया कि उन्हें खोपड़ी नहीं मिली है, बल्कि केवल एक शव के कंकाल अवशेष मिले हैं।
धर्मस्थल में पांच स्थानों पर दो दिनों तक खुदाई करने के बाद भी कोई परिणाम नहीं मिलने पर, विशेष जांच दल (एसआईटी) ने गुरुवार को छठे स्थान की खुदाई के दौरान कुछ कंकाल अवशेष बरामद किए, जो कथित रूप से एक पुरुष के बताए जा रहे हैं।
कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के धर्मस्थल town में सामूहिक दफन मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) द्वारा खुदाई किए गए छठे स्थान पर आंशिक मानव अवशेष मिले हैं। यह अवशेष इस सामूहिक दफन मामले में पहली ठोस सबूत हो सकते हैं।
धर्मस्थल सामूहिक दफन मामला क्या है?
यह मामला 4 जुलाई को दर्ज की गई एक एफआईआर से शुरू हुआ, जो एक पूर्व सफाईकर्मी द्वारा दर्ज कराई गई थी। वह इस मामले में शिकायतकर्ता है। अपनी शिकायत में उसने आरोप लगाया कि 1995 से 2014 के बीच धर्मस्थल में काम करने के दौरान उसे कई शवों को जबरन दफनाने के लिए मजबूर किया गया था। धर्मस्थल गांव कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के बेल्थांगडी तालुक में स्थित है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि जिन मृतकों को दफनाया गया, वे कथित रूप से यौन शोषण और हत्या के शिकार थे। शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया कि उसके अपने एक रिश्तेदार के साथ भी मारपीट की गई थी, जिसके चलते वह धर्मस्थल से भाग गया।
एसआईटी ने 25 जुलाई को स्थानीय पुलिस से इस मामले की जांच अपने हाथ में ली और पूर्व सफाईकर्मी द्वारा बताए गए स्थानों की खुदाई शुरू की। टीम शिकायतकर्ता की कहानी की सत्यता की भी जांच कर रही है।
एक अधिकारी ने पहले कहा था, “उसकी घटना की कहानी में कई विरोधाभास हैं। आगे बढ़ने से पहले हमें एक स्पष्ट समयरेखा तय करनी होगी और तथ्यों की पुष्टि करनी होगी।”
मिसिंग मेडिकल छात्रा की मां सुजाता भट्ट की ओर से पेश हो रहे वकील एन मंजूनाथ ने बताया कि एसआईटी ने मामले में कुछ प्रगति की है और पैन कार्ड व दो एटीएम कार्ड जैसी चीजें बरामद की हैं।
वकील ने यह भी बताया कि शिकायतकर्ता ने एक और अहम जगह की पहचान की है, जहां कथित तौर पर सबसे ज़्यादा शव दफनाए गए हैं। हालांकि, उस स्थान की खुदाई बाद के चरण में की जाएगी। फिलहाल एसआईटी 13 स्थानों पर खुदाई कर रही है।
एसआईटी ने पूरे शव निकालने की प्रक्रिया (अवशेषों की खुदाई) को आधिकारिक दस्तावेज़ी करण के तहत वीडियोग्राफ करने का निर्णय लिया है।



