नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लोकेश एम ने 25 जुलाई को जल विभाग को निर्देश दिया कि वे IIT रुड़की के विशेषज्ञों को बुलाएं, ताकि कुछ प्रमुख क्षेत्रों का विस्तृत सर्वेक्षण कराया जा सके।
(स्रोत: सुनील घोष / एचटी आर्काइव्स)
नोएडा
नोएडा प्राधिकरण ने शहर में जलभराव की समस्या का समाधान खोजने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की के विशेषज्ञों को सर्वेक्षण और सुझाव देने के लिए नियुक्त किया है। अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में गुरुवार को जल विभाग और सिविल विभाग के अधिकारियों तथा IIT रुड़की के विशेषज्ञों के बीच एक बैठक आयोजित की गई।
नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लोकेश एम ने 25 जुलाई को जल विभाग को निर्देश दिया कि इस मानसून के दौरान जलभराव वाले प्रमुख क्षेत्रों का विस्तृत सर्वेक्षण कराने के लिए IIT रुड़की के विशेषज्ञों को बुलाया जाए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे सेक्टर 6, 58, 59 और 62 सहित उन क्षेत्रों का निरीक्षण कराएं, जहां से जलभराव की सबसे अधिक शिकायतें प्राप्त हुई थीं।
प्रोफेसर कमल जैन के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने नोएडा प्राधिकरण की टीम के साथ मिलकर 29 जुलाई को उन क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया जहां इस वर्ष बारिश के दौरान जलभराव बना रहा। टीम ने सेक्टर 58, 59 और 62 सहित उन प्रमुख बिंदुओं का दौरा किया जहां जल निकासी में बाधा उत्पन्न हो रही थी। इस दौरे में गाज़ियाबाद के खोड़ा गांव से सटे गांवों और सेक्टरों को भी शामिल किया गया।
नोएडा प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय कुमार खत्री ने कहा,
“विशेषज्ञों ने प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ मिलकर कुछ क्षेत्रों का निरीक्षण किया है और शेष क्षेत्रों का दौरा भविष्य में किया जाएगा, ताकि एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की जा सके। जब विशेषज्ञों द्वारा यह योजना सौंपी जाएगी, तब प्राधिकरण उनके सुझावों के आधार पर जलभराव की समस्या का समाधान करेगा।
इस वर्ष जलभराव की शिकायतें बहुत कम आई हैं और प्राधिकरण का लक्ष्य है कि शेष समस्याओं को भी जल्द सुलझाया जाए, ताकि भविष्य में नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।”



