उत्तराखंड में छह दिन तक चार जिलों के पांच अस्पतालों से रेफर किए जाने के बाद इलाज न मिलने से एक वर्षीय बच्चे की मौत हो गई।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में एलओसी पर तैनात सेना के जवान के बेटे, शिवांश जोशी की 15 जुलाई को मौत हुई।
शिवांश कई दिनों तक राज्य के दूरस्थ पर्वतीय इलाकों में इलाज पाने के लिए संघर्ष करता रहा, लेकिन अंततः उसने दम तोड़ दिया।
इस दर्दनाक घटना ने राज्य के दूर-दराज इलाकों में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री धामी ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, “बागेश्वर में चिकित्सा उपचार में लापरवाही के कारण एक मासूम बच्चे की मृत्यु की खबर अत्यंत पीड़ादायक और दुर्भाग्यपूर्ण है।” उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आई, तो “कठोरतम कार्रवाई” की जाएगी।
शिवांश सबसे पहले 10 जुलाई को चमोली जिले के चिड़ंगा गांव में बीमार पड़ा था। उसे उल्टी और डिहाइड्रेशन की शिकायत थी। उसकी मां और दादी जंगल के रास्ते करीब 3 किलोमीटर पैदल चलकर नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं, लेकिन वहां बाल रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं थे, जिसके चलते उन्हें बैजनाथ रेफर कर दिया गया।
बैजनाथ में बच्चे को केवल बेसिक फर्स्ट एड और एक अल्ट्रासाउंड किया गया, फिर उसे बागेश्वर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, शिवांश के पिता दिनेश जोशी ने कहा कि बागेश्वर के डॉक्टरों ने उनके बेटे की ठीक से जांच भी नहीं की और परिवार को अल्मोड़ा जाने के लिए कहा। जम्मू-कश्मीर से फोन पर बात करते हुए जोशी ने बताया कि एम्बुलेंस आने में घंटों लग गए और वो भी तब आई जब उन्होंने जिलाधिकारी से संपर्क किया।
जब तक शिवांश बागेश्वर पहुंचा, उसकी हालत बेहद खराब हो चुकी थी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुमार आदित्य तिवारी ने बताया कि बच्चे को लगातार दौरे पड़ रहे थे, तेज़ बुखार था और दिमाग पर भी असर होने की आशंका थी। अस्पताल में एमआरआई और बाल चिकित्सा आईसीयू की सुविधा न होने के कारण उसे फिर से रेफर करना पड़ा।
इसके बाद उसे अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां बाल चिकित्सा आईसीयू तो था, लेकिन डॉक्टर कथित तौर पर उसकी स्थिति को स्थिर नहीं कर पाए। आखिर में उसे हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल भेजा गया, जहां 15 जुलाई को आईसीयू में उसकी मौत हो गई।



