रुड़की। 84 उत्तराखंड बटालियन एनसीसी, रुड़की के तत्वावधान में फोनिक्स विश्वविद्यालय, रुड़की में दिनांक 07 अगस्त 2025 से संचालित प्री-थल सेना शिविर (प्रथम) के अंतर्गत एक विशेष आपदा प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन किया गया।इस अवसर पर रुड़की अग्निशमन विभाग से पधारे फायर सर्विस चालक श्री मोहन नेगी, लीडिंग फायरमैन श्री विपिन सैनी तथा फायरमैन श्री मदन सिंह चौहान ने कैडेट्स को अग्निकांड की स्थिति में किए जाने वाले कार्यों की जानकारी दी। श्री मोहन नेगी ने कहा कि एनसीसी कैडेट्स को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण अवश्य लेना चाहिए, ताकि आपदा के समय वे स्वयं की तथा समाज की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें। उन्होंने बताया कि आपदा कभी भी और कहीं भी आ सकती है, ऐसे में प्रशिक्षित व्यक्ति न केवल खुद को बल्कि आसपास के लोगों की भी जान बचा सकता है।कार्यशाला के दौरान कैडेट्स को सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन हेतु चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई। लीडिंग फायरमैन श्री विपिन सैनी ने वृक्षों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अगला विश्व युद्ध जल के लिए हो सकता है, इसलिए जल संरक्षण का महत्व समझना हम सभी के लिए आवश्यक है।इसके पश्चात फायर टीम द्वारा आग लगने की स्थिति में उससे निपटने के व्यावहारिक तरीके भी प्रदर्शित किए गए। कैडेट्स को आग बुझाने की विधियां सिखाई गईं और नमूना प्रदर्शन के माध्यम से उन्हें प्रत्यक्ष अनुभव कराया गया।इस अवसर पर कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल अमन कुमार सिंह ने आपदा के समय स्थानीय प्रशासन के साथ कैडेट्स की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यशाला को सफल बनाने में कार्यालय अधीक्षक प्रशिक्षण श्री रवि कपूर का विशेष योगदान रहा।कार्यक्रम में डिप्टी कैंप कमांडेंट कैप्टन आलोक कंडवाल, कैंप अडजुटेंट कैप्टन धर्म सिंह, कैंप क्वार्टर मास्टर सेकंड ऑफिसर पारस कुमार, सेकंड ऑफिसर आलोक भूषण, मीडिया प्रभारी थर्ड ऑफिसर अरुण कुमार, थर्ड ऑफिसर अनुज कुमार, सूबेदार मेजर अमर सिंह, ट्रेनिंग जेसीओ सूबेदार पंकज कुमार पाल, बीएचएम केशवानंद, हवलदार भरत सिंह, हवलदार राजेंद्र सिंह, हवलदार संदीप तथा ईएसएम सतेंद्र सिंह सहित अनेक अधिकारी एवं कैडेट्स उपस्थित रहे।



