भारत टैरिफ न्यूज़ LIVE अपडेट: मामले से अवगत सूत्रों के अनुसार, भारत कुछ अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ के रूप में प्रतिकारात्मक कदम उठाने पर विचार कर रहा है। यह कदम अमेरिका द्वारा जून में भारत से आने वाले स्टील, एल्युमिनियम और उनसे बने उत्पादों पर 50% का दंडात्मक टैरिफ लगाने के जवाब में उठाया जा सकता है। अगर भारत यह प्रतिकारात्मक कार्रवाई करता है, तो यह डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर कुल 50% टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद पहला प्रतिशोध होगा, जिसमें से आधा रूस के साथ व्यापार करने की सज़ा के रूप में लगाया गया है। हालांकि, स्टील और एल्युमिनियम पर यह शुल्क विश्व व्यापार संगठन (WTO) में एक समानांतर व्यापार विवाद के रूप में चल रहा है।
अमेरिकी अर्थशास्त्री जेफ़्री सैक्स ने चेतावनी दी है कि चीन के खिलाफ क्वाड में अमेरिका के साथ खड़े होने से भारत को किसी तरह का सुरक्षा लाभ नहीं है। उन्होंने कहा, “भारत एक महाशक्ति है, जिसकी दुनिया में स्वतंत्र पहचान है। ट्रंप टैरिफ को लेकर जो कुछ भी कर रहे हैं, वह असंवैधानिक है।”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि जब तक टैरिफ का मुद्दा हल नहीं हो जाता, तब तक भारत के साथ व्यापार वार्ता संभव नहीं है। जब एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि 50% टैरिफ की घोषणा के बाद क्या वे भारत के साथ व्यापार वार्ता बढ़ने की उम्मीद करते हैं, तो ट्रंप ने जवाब दिया — “नहीं, तब तक नहीं, जब तक यह मामला हल नहीं हो जाता।”
भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने शनिवार को अमेरिका के इस कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश किसी भी धमकी के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने कहा, “हम ऊर्जा सुरक्षा की रक्षा करेंगे और अपने रणनीतिक व राष्ट्रीय हितों पर डटे रहेंगे।” (पीटीआई)
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ को एक संभावित “बहुत बड़ी गलती” बताया। सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि यह विडंबना है कि रूस को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से लगाया गया द्वितीयक टैरिफ उल्टे भारत को रूस और चीन के करीब धकेल सकता है और शायद उन्हें अमेरिका के खिलाफ एक साथ बातचीत करने के लिए प्रेरित कर सकता है।



