राजस्थान के सवाई माधोपुर ज़िले से बड़ी खबर सामने आ रही है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सुरवाल डैम ओवरफ्लो हो गया, जिससे ज़मीन धंसने लगी और एक विशाल गड्ढा बन गया।
इस घटना के बाद कई गाँवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। ज़मीन धंसने की वजह से गाँव के पास का बड़ा इलाक़ा गहरे गड्ढे में तब्दील हो गया है।
सड़कों का संपर्क टूट गया है और लोगों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है, लेकिन हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं।
पूरा इलाका, जिसमें सुरवाल, धनोली, गोगोर, जडावता, शेशा और मच्छीपुरा शामिल हैं, अब जलमग्न हो चुका है और सैकड़ों मकान पानी में डूब गए हैं।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है। कई लोग घरों की छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं। खाने-पीने का सामान और पीने का पानी बेहद कम हो गया है। वहीं, डूबी हुई सड़कें और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचा राहत और बचाव कार्यों में बड़ी बाधा बन रहा है।
सवाई माधोपुर में पहले कभी इतनी अधिक बारिश नहीं हुई थी। इसके अलावा, सूरवाल डैम भी उफान पर आ गया और पानी ने दर्जनों गाँवों को डुबो दिया। दो मंदिर, घर और दुकानें बह गईं। जिन लोगों को नुकसान हुआ है, उन्हें निर्धारित मापदंडों के अनुसार मुआवज़ा दिया जाएगा।”
स्थानीय सांसद हरीश चंद्र मीना ने भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और अधिकारियों को जल निकासी और राहत कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए।
इस बीच, दौसा ज़िले में लगातार 24 घंटे हुई भारी बारिश ने तबाही मचा दी। निचले इलाक़ों की सड़कें नदियों में तब्दील हो गईं, पूरे मोहल्ले जलमग्न हो गए और सरकारी दफ़्तरों में पानी भर गया।
जयपुर रोड की सर्विस लेन पूरी तरह जलमग्न हो गई है, जिससे आधा दर्जन से अधिक कॉलोनियों का संपर्क कट गया है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
इसी बीच, बारिश से जुड़े एक अलग हादसे में, ज्वाला माता मंदिर के पास आमेर किले की ओर जाने वाले रास्ते में स्थित रामबाग की दीवार का एक हिस्सा भारी बारिश की वजह से गिर गया। सुरक्षा उपाय के तौर पर प्रशासन ने ऐतिहासिक स्थल पर हाथी सवारी को रोक दिया है।



