रुड़की, हरिद्वार।84 उत्तराखंड बटालियन एनसीसी, रुड़की के तत्वावधान में फोनिक्स विश्वविद्यालय, इमलीखेड़ा, रुड़की में संचालित प्री-थल सेना कैम्प (द्वितीय) के आठवें दिन कैडेट्स को भारत सरकार की “अग्निवीर योजना” की विस्तृत जानकारी दी गई। यह जानकारी 288 आर्टिलरी रेजिमेंट से आए नायब सूबेदार सुरेंद्र सिंह द्वारा दी गई।नायब सूबेदार सुरेंद्र सिंह ने बताया कि “अग्निवीर योजना” भारत सरकार द्वारा 14 जून 2022 को शुरू की गई एक नई भर्ती प्रक्रिया है, जिसके अंतर्गत थल सेना, नौसेना और वायुसेना में “अग्निवीरों” की भर्ती की जाती है। यह योजना युवाओं को चार वर्षों की सैन्य सेवा का अवसर प्रदान करती है। योजना का उद्देश्य युवाओं को देशसेवा हेतु प्रेरित करना, सेना को युवा, जोशपूर्ण और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना तथा समाज में अनुशासन, नेतृत्व और देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना है।उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया के लिए शैक्षणिक योग्यता थल सेना हेतु 10वीं पास तथा नौसेना और वायुसेना हेतु 12वीं पास निर्धारित है। चयन प्रक्रिया में ऑनलाइन लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षण और चिकित्सकीय परीक्षण शामिल हैं।एनसीसी ‘बी’ और ‘सी’ प्रमाण पत्र धारकों को लिखित परीक्षा में आरक्षण का लाभ भी प्रदान किया जाता है। चार वर्ष की सेवा के उपरांत, 25% अग्निवीरों को नियमित सेना में शामिल किया जाएगा जबकि शेष 75% को राज्य पुलिस, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPF), सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) एवं अन्य क्षेत्रों में प्राथमिकता दी जाएगी।इस अवसर पर कैम्प कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल अमन कुमार सिंह ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा, “आप पहले से ही अनुशासन, देशभक्ति और सेवा के मूल्यों से परिचित हैं। एनसीसी का अनुभव आपको ‘अग्निवीर’ बनने की दिशा में एक मजबूत उम्मीदवार बनाता है। देश को आपकी ऊर्जा, आपका जज़्बा और आपकी निष्ठा की आवश्यकता है।”इस कार्यक्रम में कैम्प एडजुटेंट कैप्टन अश्वनी कुमार, मीडिया प्रभारी थर्ड ऑफिसर अनुज पांडे, केयरटेकर नीलिमा छेत्री, सूबेदार पंकज पाल, वाहिनी प्रशिक्षण प्रभारी रवि कपूर, हवलदार सुबोध कुमार, हवलदार भारत, हवलदार संदीप, तथा इंस्ट्रक्टर सत्येंद्र सिंह उपस्थित रहे।



