रुड़की।84 उत्तराखंड एनसीसी बटालियन, रुड़की के तत्वावधान में आयोजित प्री-थलसेना शिविर (द्वितीय), दिनांक 22 अगस्त से चल रहा था, जिसका आज समापन हुआ। इस अवसर पर एनसीसी निदेशालय उत्तराखंड से चयनित 91 कैडेट्स का दल नई दिल्ली स्थित दिल्ली कैंट में 01 सितंबर 2025 से शुरू होने वाले ऑल इंडिया थलसेना शिविर (TSC) में प्रतिभाग करने के लिए पूरे जोश और उत्साह के साथ रवाना हुआ।यह प्रतिष्ठित शिविर भारतीय थलसेना द्वारा आयोजित किया जाता है, जिसमें देशभर के चयनित एनसीसी कैडेट्स को सैन्य जीवन का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान किया जाता है। इस शिविर में कैडेट्स को अनुशासन, हथियार प्रशिक्षण, फील्ड क्राफ्ट, मैप रीडिंग, फायरिंग तथा अन्य सामरिक गतिविधियों की गहन जानकारी दी जाती है। इसके अतिरिक्त, 17 एनसीसी निदेशालयों से आए कैडेट्स के बीच विभिन्न प्रतिस्पर्धाएं भी आयोजित की जाती हैं, जिनका परिणाम 11 सितंबर को घोषित किया जाएगा। सभी प्रतिभागी कैडेट्स 12 सितंबर को अपने गंतव्य को प्रस्थान करेंगे।

उत्तराखंड राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाला यह दल कंटिजेंट कमांडर कैप्टन सुशील कुमार आर्य तथा डिप्टी कंटिजेंट कमांडर थर्ड ऑफिसर सुनीता नौटियाल के नेतृत्व में शिविर में भाग लेगा।दल के प्रस्थान से पूर्व कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल अमन कुमार ने सभी कैडेट्स को शुभकामनाएं देते हुए कहा, “यह अवसर न केवल आत्मविकास का माध्यम है, बल्कि देशभक्ति की भावना को भी सशक्त करता है।”इस अवसर पर कैडेट्स के अभिभावकों, सहयोगी एनसीसी अधिकारियों, कंटिजेंट कमांडर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कैडेट्स का उत्साहवर्धन किया और उन्हें जिम्मेदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ शिविर में भाग लेने की सलाह दी।शिविर के आयोजन में सहयोग देने के लिए कैंप कमांडेंट ने फोनिक्स विश्वविद्यालय के चेयरमैन इंजीनियर चैरब जैन, डायरेक्टर जनरल संजय जैन, प्रो-वाइस चांसलर डॉ. मनीष पांडेय, कुल सचिव डॉ. अमित गौतम एवं समस्त स्टाफ का आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर एकाउंट ऑफिसर संतोष कुमार भट्ट, सूबेदार मेजर अमर सिंह, सूबेदार सुनील सिंह, हवलदार अजयबीर सिंह, हवलदार संदीप प्रजापति, प्रशिक्षण अधीक्षक रवि कपूर, वरिष्ठ सहायक सुरेश अवस्थी, जीसीआई किरण बिहनिया, डीईओ धर्म सिंह, मीनाक्षी, संदीप बुडाकोटी, वाहन चालक विमल पंवार, रोहित कुमार डिमरी, अनुज गिरी, सुनील भाई, राजवीर, सुभाष, लोकेंद्र, राकेश, रविंदर सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।




