भारतीय क्रिकेट के इतिहास में अब तक कई महान कप्तानों ने टीम को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है — चाहे वह महेंद्र सिंह धोनी की शांत रणनीतिक सोच हो या विराट कोहली का आक्रामक नेतृत्व। लेकिन इन दोनों के बाद अब जिस खिलाड़ी ने अपनी कप्तानी के बल पर नया इतिहास रचा है, वह हैं रोहित शर्मा। “हिटमैन” के नाम से मशहूर रोहित शर्मा ने वनडे क्रिकेट में बतौर कप्तान अपने शानदार प्रदर्शन से धोनी और कोहली दोनों को पीछे छोड़ते हुए एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
कप्तान के रूप में रोहित का रिकॉर्ड
रोहित शर्मा ने अब तक 56 वनडे मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी की है। इनमें से 42 मुकाबलों में जीत और केवल 12 में हार मिली है, जबकि 1 मैच का कोई नतीजा नहीं निकला। इस आधार पर उनकी जीत प्रतिशत लगभग 75% है, जो भारतीय क्रिकेट इतिहास में सर्वश्रेष्ठ में से एक मानी जाती है।
यदि सभी प्रारूपों (वनडे, टी20 और टेस्ट) को मिलाकर देखा जाए तो रोहित शर्मा ने अब तक कुल 142 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी की है। इनमें से भारत को 103 में जीत और केवल 33 में हार का सामना करना पड़ा है। 2 मैच टाई, 3 ड्रॉ और 1 मैच नो रिजल्ट रहा। इस प्रकार उनका कुल जीत प्रतिशत करीब 72.53% है — जो धोनी और कोहली दोनों से अधिक है।
नेतृत्व शैली: शांत स्वभाव में छिपा रणनीतिक मस्तिष्क
रोहित शर्मा की कप्तानी की सबसे बड़ी खासियत उनका शांत और संयमित रवैया है। मैदान पर वह शायद ही कभी भावनाओं में बहते दिखते हैं। दबाव की स्थिति में उनका ठंडे दिमाग से निर्णय लेना टीम को स्थिरता देता है। यही कारण है कि कई पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों ने उन्हें “रणनीतिक कप्तान” की श्रेणी में रखा है।
उनकी कप्तानी में भारत ने न सिर्फ द्विपक्षीय सीरीज़ में शानदार प्रदर्शन किया है, बल्कि बड़े टूर्नामेंटों में भी निरंतरता दिखाई है। रोहित के नेतृत्व में भारतीय टीम 2023 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुँची, जहाँ उन्होंने शुरुआती चरण में लगातार जीतों का रिकॉर्ड बनाया।
शुभमन गिल के लिए बड़ी चुनौती
हाल ही में चयन समिति ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में शुभमन गिल को सीमित ओवरों में अधिक नेतृत्व के मौके मिल सकते हैं। गिल युवा हैं, प्रतिभाशाली हैं, लेकिन रोहित शर्मा का यह रिकॉर्ड उनके सामने एक उँचा मानक स्थापित करता है। उनके लिए केवल बल्लेबाजी में ही नहीं, बल्कि कप्तानी में भी वही निरंतरता दिखाना बड़ी चुनौती होगी।



