भारतीय सोशल-मीडिया इंफ्लुएंसर और अभिनेत्री डॉली सिंह ने हाल ही में एक ऐसा खुलासा किया है, जिसने मनोरंजन जगत की चमक-दमक के पीछे छिपी कड़वी सच्चाई को उजागर कर दिया है। उन्होंने बताया कि अपने करियर की शुरुआत में उन्हें कास्टिंग काउच जैसी घिनौनी घटना का सामना करना पड़ा। यह अनुभव न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन के लिए झकझोर देने वाला था, बल्कि उस पूरे सिस्टम पर भी प्रश्न उठाता है जहाँ सफलता की चाह में संघर्ष कर रहे कलाकारों को असुरक्षा और अपमान का सामना करना पड़ता है।
डॉली ने बताया कि जब वे लगभग 19-20 वर्ष की थीं और दिल्ली में संघर्ष कर रही थीं, तभी एक कास्टिंग डायरेक्टर ने उन्हें फोन कर कहा कि अगले दिन होटल में आकर एक प्रोड्यूसर से मिलना है। वे उत्साहित थीं — उन्हें लगा कि शायद यह उनके अभिनय करियर का पहला कदम होगा। लेकिन होटल में हुई वह मुलाकात एक डरावने अनुभव में बदल गई। डॉली के अनुसार, मीटिंग के बाद जब वह कार में बैठीं, तो प्रोड्यूसर ने अचानक उन्हें पकड़ लिया, उनके होंठों पर ज़बरदस्ती किस किया और उनकी शर्ट के नीचे हाथ डालने की कोशिश की। डॉली ने कहा कि वे उस वक्त इतनी हैरान और डरी हुई थीं कि न तो विरोध कर पाईं और न ही वहां से भाग पाईं।
यह घटना केवल डॉली सिंह की व्यक्तिगत पीड़ा नहीं है, बल्कि उस व्यवस्थित शोषण की प्रतीक है, जिसका सामना आज भी कई नए कलाकार करते हैं। फिल्म, टीवी और सोशल-मीडिया इंडस्ट्री में प्रवेश करने वाले युवाओं के सामने “ऑडिशन” और “मीटिंग” के नाम पर असुरक्षित परिस्थितियाँ खड़ी की जाती हैं। जिनके पास नाम या पहचान नहीं होती, वे अक्सर चुप रह जाते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है — “अगर मैंने आवाज उठाई, तो करियर खत्म हो जाएगा।”
डॉली सिंह ने इस घटना को वर्षों बाद सार्वजनिक कर एक साहसिक उदाहरण पेश किया है। उन्होंने साफ कहा कि वे यह बात इसलिए बता रही हैं ताकि कोई और लड़की या नया कलाकार ऐसे हालात में फँसे तो सतर्क रहे। उन्होंने मांग की है कि भारत में भी मनोरंजन उद्योग को उसी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए जैसा विकसित देशों में देखा जाता है — जहाँ टैलेंट, मेहनत और नैतिकता के आधार पर काम दिया जाता है, न कि समझौते की मजबूरी पर।
यह घटना सिर्फ एक एक्ट्रेस की कहानी नहीं, बल्कि उस सत्ता-असमानता और विश्वसनीयता की कमी का आईना है जो ग्लैमर की इस चकाचौंध भरी दुनिया में छिपी है। यह हमें याद दिलाती है कि सफलता की हर चमकदार कहानी के पीछे कुछ अनकहे संघर्ष और टूटे हुए सपने भी होते हैं।
डॉली का खुलासा एक चेतावनी है — उन सभी युवाओं के लिए जो अभिनय, मॉडलिंग या डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रख रहे हैं। सपने देखिए, मेहनत कीजिए, लेकिन खुद को सुरक्षित रखिए। क्योंकि सपना और शोषण के बीच की रेखा बहुत पतली होती है।
अगर किसी के साथ ऐसी अनचाही या अपमानजनक स्थिति बनती है, तो सबसे ज़रूरी है कि वह खुलकर बोले, अपने अधिकार जाने और समर्थन नेटवर्क से जुड़े। तभी एक ऐसी मनोरंजन-संस्कृति बन सकेगी, जहाँ हर कलाकार को सम्मान और सुरक्षा के साथ अपने सपनों को जीने की आज़ादी हो।
डॉली सिंह का यह साहस न केवल उनकी जीत है, बल्कि उन सभी के लिए उम्मीद की किरण भी, जो सच बोलने की ताकत जुटा रहे हैं।



