रुड़की। नगर निगम बोर्ड की दूसरी बैठक में शहर के विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में पार्षदों ने विभिन्न समितियों के गठन की मांग उठाई, जिस पर मेयर अनीता अग्रवाल ने सहमति जताते हुए 15 नवंबर तक समितियों के गठन का आश्वासन दिया।
बैठक में निगम की भूमि किसी भी संस्था या विभाग को दिए जाने का विरोध किया गया। हल्की नोकझोंक के बीच संपन्न हुई बैठक में सभी विकास संबंधी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुए। मेयर अनीता अग्रवाल पार्षदों के साथ सामंजस्य बिठाने में सफल रहीं।
नगर निगम सभागार में हुई बैठक में कलियर विधायक फुरकान अहमद ने कहा कि रामपुर चुंगी पर बनी पुलिया को दुरुस्त किया जाए ताकि वहां जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।
पार्षद संजीव तोमर ने कहा कि बोर्ड गठन के दस महीने बाद भी समितियों का गठन नहीं हुआ है, ऐसे में बैठक का कोई औचित्य नहीं बनता। इस पर मेयर ने दोहराया कि समितियों का गठन तय समय सीमा में कर दिया जाएगा।
पार्षद राकेश गर्ग ने निगम की भूमि पुलिस या किसी अन्य संस्था को दिए जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग और संस्थान अपनी ज़मीन खरीदने में सक्षम हैं, इसलिए निगम की भूमि देना भविष्य के लिए अनुचित होगा। उन्होंने भूमि आवंटन के विरोध में 32 पार्षदों के हस्ताक्षर वाला पत्र प्रस्तुत किया।
पार्षद कुलवीर चौधरी ने दिल्ली रोड स्थित नगर निगम सीमा पर बनने वाले गेट का नाम राजा विजय सिंह गेट रखने का प्रस्ताव दिया। इस पर नगर आयुक्त राकेश तिवारी ने बताया कि नगर की तीन प्रवेश सीमाओं पर गेट निर्माण का प्रस्ताव पहले ही पास हो चुका है। नामकरण पर निर्णय बोर्ड की सहमति से किया जाएगा।
पार्षद रिशु वर्मा ने कहा कि जब प्रस्ताव बोर्ड बैठक में पारित हो जाते हैं, तब भी पार्षदों को उनके क्रियान्वयन के लिए चक्कर क्यों काटने पड़ते हैं। उन्होंने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
पार्षद यूज़ूर प्रजापति, प्रतिनिधि संजय प्रजापति और पंकज सतीजा ने कचहरी के बाहर निगम की भूमि पर व्यावसायिक पार्किंग को लेकर आपत्ति जताई और इस पर रोक लगाने की मांग की।
पार्षद सचिन कश्यप ने आदर्शनगर मुख्य मार्ग पर खड़ी बसों और ट्रकों के स्वामियों को नोटिस जारी करने की मांग की, जबकि संजीव राय ने वेडिंग ज़ोन बनाए जाने का सुझाव रखा।
बैठक में कूड़ा गाड़ियों की स्थिति, सफाई व्यवस्था, नालों और सड़कों के निर्माण कार्यों को लेकर भी कई सवाल उठे।
बैठक में नगर आयुक्त राकेश तिवारी, सहायक नगर आयुक्त अमरजीत कौर, नगर स्वास्थ्य अधिकारी विक्रांत सिरोही, पार्षद ताहिर अहमद, प्रतिभा पाल, आकाश जैन, बबीता, नितिन त्यागी, कुलदीप तोमर, सीमा सैनी, प्रीति शर्मा, धीरज पाल, चारु चंद, नीतू शर्मा, बीरा देवी, अंकित चौधरी, सचिन चौधरी, सतबीर सिंह, देवकी जोशी, पूनम देवी, मनोज कुमार, शिवम अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
सफाई नायक और पार्षद के बीच तीखी नोकझोंक
वार्ड नंबर 7 के पार्षद आकाश जैन ने सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए तो सफाई नायक राकेश भड़क उठे। उन्होंने पार्षद से पूछा कि वह अपने वार्ड में कूड़ादान और नालों की संख्या बता दें — जिस पर पार्षद जवाब नहीं दे सके।
स्थिति बिगड़ती देख अन्य सफाई नायक भी अपने स्थानों से खड़े हो गए।
नगर आयुक्त राकेश तिवारी ने हस्तक्षेप कर स्थिति संभाली और सफाई कर्मचारियों को शांत कराया।
सफाई नायक ने कहा कि वह अब आगे इस वार्ड में कार्य नहीं करेंगे और अपने तबादले की मांग की।
विधायक प्रतिनिधि बोले — बैठक विफल रही
रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा के प्रतिनिधि के रूप में बैठक में पहुंचे सत्येंद्र राणा ने कहा कि बोर्ड बैठक पूरी तरह विफल रही।
उनका कहना था कि किसी भी प्रस्ताव पर गंभीर चर्चा नहीं हुई और विधायक फुरकान अहमद द्वारा दिए गए सभी प्रस्ताव गिरा दिए गए, जो कि नियम विरुद्ध है।



