असली नेतृत्व वही है, जिसमें इंसान अपनी गलती को स्वीकार करने के साथ-साथ उसे सुधारने का साहस भी रखता हो। इसी उदाहरण को पेश करते हुए पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत आज गुरुद्वारे पहुंचे, जहां उन्होंने विनम्रता के साथ जूता सेवा कर अनजाने में दिए गए विवादित बयान के लिए प्रायश्चित किया।गुरुद्वारे में सेवा के दौरान डॉ. रावत ने न सिर्फ सिख समाज से क्षमा याचना की, बल्कि अपने बयान के लिए सार्वजनिक माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुँचाना उनका उद्देश्य कभी नहीं था।सिख परंपरा सेवा, समर्पण और विनम्रता का संदेश देती है।


डॉ. रावत का यह कदम एकता, सम्मान और सद्भाव की मिसाल बनने के साथ समाज में सकारात्मक संदेश भी देता है कि गलती पर माफी और माफी के बाद सेवा—यही इंसानियत की पहचान है।स्थानीय लोगों ने भी उनके इस कदम का स्वागत किया और इसे तनाव को कम करने तथा सामाजिक सौहार्द बढ़ाने वाला निर्णय बताया।डॉ. रावत ने अपील की कि अब इस मामले को और तूल न दिया जाए और सभी लोग मिलकर सद्भाव बनाए रखें।



