उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अखिलेश सरकार के समय पास किए गए मदरसा शिक्षकों और अन्य कर्मियों के वेतन भुगतान से जुड़े विवादित विधेयक को वापस लेकर बड़ा कदम उठाया है। हरिद्वार के संत समाज ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे प्रशासनिक संतुलन की दिशा में आवश्यक बताया। महामंडलेश्वर रूपेंद्र प्रकाश ने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान को इतनी असीमित शक्तियां नहीं दी जा सकतीं, जिनसे गंभीर या अप्रिय घटनाओं पर प्रशासनिक कार्रवाई बाधित हो। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा मदरसों और मौलवियों को दिए गए विशेष अधिकारों का लगातार दुरुपयोग हो रहा था।
संत समाज ने फैसले को बताया शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता का कदम
महामंडलेश्वर रूपेंद्र प्रकाश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस निर्णय के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह कदम शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता लाने वाला है। उन्होंने कहा कि पहले कई मामलों को दबा दिया जाता था, लेकिन अब प्रशासनिक नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और कार्रवाई संभव होगी। इस फैसले से मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों को राहत मिलेगी और शिक्षा संस्थानों में अनुशासन एवं सुरक्षा का माहौल मजबूत होगा।



