हरिद्वार:- 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ मेले को भव्य, सुव्यवस्थित और डिजिटल तकनीक के माध्यम से सुचारू रूप से आयोजित करने के लिए उपाध्यक्ष आपदा प्रबंधन एवं राज्य मंत्री विनय रोहिला ने सीसीआर सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक में मंत्री विनय रोहिला ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विजन है कि कुंभ मेला सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि राज्य की प्रशासनिक क्षमता, तकनीकी दक्षता और आपदा प्रबंधन प्रणाली की एक ऐतिहासिक परीक्षा है। उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक विभाग द्वारा किए जा रहे निर्माण और तैयारियों की मॉनिटरिंग व्यक्तिगत रूप से की जाए, ताकि कार्य समय पर और गुणवत्ता के साथ पूर्ण हों।
उन्होंने बताया कि कुंभ मेला में बाढ़, अग्निकांड, भगदड़, स्वास्थ्य आपातस्थिति, मौसम जनित आपदाएं और अफवाह जैसी चुनौतियां स्वाभाविक हैं। इसलिए कोई भी कार्य घटना के बाद प्रतिक्रिया देने पर निर्भर न हो, बल्कि पूर्व तैयारी और जोखिम आधारित आपदा प्रबंधन मॉडल अपनाया जाए।
भीड़ प्रबंधन को सबसे संवेदनशील पहलू बताते हुए उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की अनुमानित संख्या के अनुसार सेक्टरवार योजना, वैकल्पिक निकासी मार्ग और होल्डिंग एरिया विकसित किए जाएं। यातायात प्रबंधन में रेलवे, रोडवेज और निजी वाहनों के लिए अलग योजना बनाई जाए। जल प्रबंधन के लिए गंगा एवं घाटों में जलस्तर की निरंतर निगरानी, चेतावनी प्रणाली, रेस्क्यू बोट, गोताखोर और लाइफ जैकेट की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अग्नि सुरक्षा के लिए टेंट सिटी, अखाड़ों, विद्युत व्यवस्था और सामुदायिक रसोई क्षेत्रों में फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य किया जाए। स्वास्थ्य सेवाओं को कुंभ की रीढ़ बताते हुए उन्होंने फील्ड हॉस्पिटल, मोबाइल मेडिकल यूनिट, मेडिकल पोस्ट और एंबुलेंस नेटवर्क को पूरी तरह कार्यशील रखने के निर्देश दिए।
बैठक में नगर निगम, लोनिवि, राष्ट्रीय राजमार्ग, स्वास्थ्य विभाग, एनएचएआई, सिंचाई विभाग, पुलिस, जल संस्थान, विद्युत विभाग, खाद्य विभाग, जिला पूर्ति विभाग, परिवहन विभाग, एचआरडीए सहित सभी संबंधित विभागों ने अपने विभागीय कार्य और तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी।
इस अवसर पर मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार, अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी, मुख्य चिकित्साधिकारी आर.के. सिंह, एचआरडीए सचिव मनीष कुमार, सीओ कुंभ बिपेंदर सिंह, उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत समेत सभी अधिकारी मौजूद रहे।



