रुड़की:- खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शुक्रवार सुबह रुड़की के खंजरपुर क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने एक पनीर निर्माण इकाई पर अचानक छापेमारी की। तड़के की गई इस कार्रवाई से न केवल संबंधित डेयरी संचालक में हड़कंप मच गया, बल्कि आसपास के अन्य डेयरी कारोबारियों में भी खलबली देखी गई। टीम ने मौके से भारी मात्रा में तैयार पनीर बरामद कर उसे जांच के लिए जब्त किया और गुणवत्ता परीक्षण हेतु नमूने भी एकत्र किए।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेंद्र पाण्डेय के नेतृत्व में गठित विभागीय टीम शुक्रवार सुबह ठीक सात बजे खंजरपुर स्थित साजिद अली पुत्र इरफान अली की डेयरी पर पहुंची। छापेमारी के दौरान टीम ने डेयरी में रखे डीप फ्रीजर की गहन जांच की, जहां लगभग एक क्विंटल यानी करीब 100 किलोग्राम ताजा पनीर भंडारित पाया गया। डेयरी संचालक साजिद अली ने अधिकारियों को बताया कि वह पनीर का निर्माण पूरी तरह शुद्ध दूध से करता है और स्थानीय बाजार में उसकी नियमित आपूर्ति करता है।

कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने डेयरी परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया। अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मौके से रिफाइंड ऑयल, स्किम्ड मिल्क पाउडर अथवा कोई अन्य संदिग्ध रसायन बरामद नहीं हुआ, जिनका प्रयोग आमतौर पर नकली या मिलावटी पनीर तैयार करने में किया जाता है। बावजूद इसके, पनीर की गुणवत्ता और मानकों की पुष्टि के लिए टीम ने सावधानी बरतते हुए दो अलग-अलग नमूने सील किए, जिन्हें परीक्षण के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
इस छापेमारी दल में खाद्य सुरक्षा अधिकारी (भगवानपुर) पवन कुमार, प्रशासन की ओर से पटवारी संजय कुमार चौहान एवं चंद्र मोहन सिंह तथा पुलिस विभाग से उप निरीक्षक विकास त्यागी भी शामिल रहे। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेंद्र पाण्डेय ने बताया कि प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही डेयरी संचालक के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि आगामी त्योहारों को देखते हुए दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट करने वालों के विरुद्ध विभाग सख्त रुख अपनाएगा और किसी भी कीमत पर ऐसे तत्वों को बख्शा नहीं



