पौड़ी:- डोभ श्रीकोट में स्थित नर्सिंग कॉलेज का नाम अंकिता के नाम पर रखे जाने के राज्य सरकार के फैसले को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। इस मुद्दे पर पौड़ी बचाओ संघर्ष समिति ने कड़ा ऐतराज जताते हुए सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है। समिति के संयोजक नमन चंदोला ने कहा कि इस तरह के फैसले भावनात्मक जरूर हो सकते हैं, लेकिन इनके दूरगामी सामाजिक प्रभावों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

नमन चंदोला ने अपने बयान में कहा कि उत्तराखंड की परंपरा रही है कि संस्थानों, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों के नाम राज्य के महापुरुषों, वीरांगनाओं और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के नाम पर रखे जाते हैं, जिन्होंने समाज और देश के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया हो। उन्होंने तर्क दिया कि भविष्य में जब कोई यह जानने का प्रयास करेगा कि अंकिता कौन थी, तो उससे जुड़ी घटनाएं समाज को झकझोरने वाली होंगी, जो एक शैक्षणिक संस्थान की सकारात्मक पहचान के अनुरूप नहीं होंगी।

उन्होंने सरकार से अपील की कि नामकरण जैसे प्रतीकात्मक कदम उठाने के बजाय अंकिता के परिवार को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त करने के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में सरकार को अत्यंत संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ निर्णय लेना चाहिए, ताकि समाज में सही संदेश जाए।
नमन चंदोला ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सीधे तौर पर इस फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह करते हुए कहा कि किसी भी नामकरण से पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अंकिता को पूर्ण और निष्पक्ष न्याय मिले। उनके अनुसार, न्याय की प्रक्रिया को प्राथमिकता देना ही इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा और सार्थक कदम होगा।



