हरिद्वार में शनिवार को उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब कांग्रेस कार्यकर्ता विधायक मदन कौशिक के कार्यालय का घेराव करने के लिए निकले। घेराव से पहले ही पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया, जिससे मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। जानकारी के अनुसार, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष केशव खराना के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता प्रेमनगर गेट के सामने एकत्र हुए थे। कार्यकर्ताओं का इरादा खन्ना नगर स्थित विधायक मदन कौशिक के कार्यालय का घेराव करने का था। जैसे ही कार्यकर्ता आगे बढ़े, पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया। पुलिस द्वारा रोके जाने पर कार्यकर्ता सड़क पर ही बैठ गए और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड सहित कई गंभीर मामलों में स्थानीय विधायक की चुप्पी सवालों के घेरे में है। युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष केशव खराना ने कहा कि अंकिता भंडारी मामले में जब तक कथित वीआईपी का नाम सार्वजनिक नहीं होता और निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सीबीआई जांच की सिफारिश तो करती है, लेकिन कांग्रेस की मांग है कि यह जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि शहर में अवैध नशे का कारोबार लगातार बढ़ रहा है और युवा नशे की चपेट में आ रहे हैं, लेकिन जनप्रतिनिधि इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि इतने गंभीर मुद्दों के बावजूद विधायक की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे जनता में आक्रोश है।
स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को एक-एक कर हिरासत में ले लिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की झड़प भी हुई। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की गई है और किसी को भी अव्यवस्था फैलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इस मौके पर महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग, युवा नेता नितिन नेवर, पार्षद अशोक शर्मा, विवेक भूषण विवेकी, हिमांशु गुप्ता, रोहित सेठी, अंजू द्विवेदी, रचना शर्मा, विकास चंदा, जिला उपाध्यक्ष शुभम वर्मन, महबूब आलम, मनोज सैनी, तरुण व्यास, शुभम जोशी, जितेंद्र सिंह, विजेंद्र सिंह सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में सरकार और विधायक के खिलाफ नारेबाजी की और अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग दोहराई। प्रदर्शन के बाद पुलिस ने हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को थाने ले जाकर आवश्यक कार्रवाई की। हालांकि कुछ समय बाद स्थिति सामान्य हो गई, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने हरिद्वार की राजनीति में एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।



