रुड़की:- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) के डिज़ाइन इनोवेशन सेंटर द्वारा ‘एमएसएमई इनोवेटिव (डिज़ाइन) योजना’ विषय पर एक जागरूकता सत्र का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उद्योग और अकादमिक जगत के बीच संवाद एवं सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसका मुख्य विषय उद्योग-अकादमिक इंटरफ़ेस रहा। कार्यक्रम का आयोजन 30 दिसंबर 2025 को हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब स्थित हिमाचल चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (HCCI) परिसर में किया गया। इस आयोजन में आईआईटी रुड़की के डिज़ाइन विभाग, डेवलपमेंट एंड फ़ैसिलिटेशन ऑफिस (DFO-MSME), सोलन तथा जिला उद्योग केंद्र, नाहन (सिरमौर) का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को डिज़ाइन विशेषज्ञता से जोड़ते हुए नवाचार को प्रोत्साहित करना रहा। ‘एमएसएमई इनोवेटिव (डिज़ाइन) योजना’ के अंतर्गत अनुभवी डिज़ाइनरों के माध्यम से उद्योगों को उनकी वास्तविक डिज़ाइन समस्याओं के लिए किफायती एवं प्रभावी समाधान उपलब्ध कराना, नए उत्पादों के विकास को बढ़ावा देना, मौजूदा उत्पादों में निरंतर सुधार सुनिश्चित करना तथा उत्पादों के मूल्य संवर्धन हेतु विशेषज्ञ परामर्श प्रदान करना शामिल है। इस योजना के माध्यम से विनिर्माण क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया।
कार्यक्रम का समन्वय प्रो. इंदरदीप सिंह, डीन (इंफ्रास्ट्रक्चर) एवं समन्वयक, डिज़ाइन इनोवेशन सेंटर, आईआईटी रुड़की द्वारा किया गया। उन्होंने एमएसएमई इकाइयों, उद्योग प्रतिनिधियों तथा विभिन्न सरकारी संगठनों से आए प्रतिभागियों को योजना के उद्देश्यों, लाभों एवं आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि किस प्रकार यह योजना उद्योगों को डिज़ाइन-आधारित नवाचार के माध्यम से दीर्घकालिक विकास की दिशा में आगे बढ़ने में सहायक सिद्ध हो सकती है।

इस अवसर पर प्रो. अपूर्बा कुमार शर्मा, विभागाध्यक्ष, डिज़ाइन विभाग, आईआईटी रुड़की; श्री ए. के. गौतम (IEDS), सहायक निदेशक एवं कार्यालय प्रमुख, डेवलपमेंट एंड फ़ैसिलिटेशन ऑफिस (DFO-MSME), सोलन; श्री पार्थ अशोक (E.I), सहायक निदेशक, डीएफओ-एमएसएमई, सोलन; राहुल बंसल, सहायक निदेशक, डीएफओ-एमएसएमई, सोलन; तथा जिला उद्योग केंद्र, नाहन (सिरमौर) के अधिकारीगण उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने एमएसएमई क्षेत्र में डिज़ाइन एवं नवाचार की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।कार्यक्रम में क्षेत्रीय उद्योगों एवं विभिन्न एमएसएमई इकाइयों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की और आयोजित चर्चाओं से महत्वपूर्ण जानकारी एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया। प्रतिभागियों ने इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को उद्योगों के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया।



