देहरादून। विक्रम शर्मा की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार हत्या के आरोपी शूटर—आकाश प्रसाद, आशुतोष और विशाल—का संबंध झारखंड के गणेश सिंह गिरोह से बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि शूटरों के निशाने पर अखिलेश सिंह गिरोह के सदस्य कन्हैया सिंह थे, जो अखिलेश का राइट हैंड माना जाता है। हालांकि, कन्हैया तक पहुंच पाना संभव नहीं हो सका। इसके बाद आरोपियों ने अखिलेश के गुरु और गिरोह के सरगना विक्रम शर्मा को निशाना बनाने की साजिश रची।
झारखंड में वर्चस्व की लड़ाई, देहरादून में रची गई साजिश
पुलिस सूत्रों के मुताबिक करीब 25 दिन पहले गणेश गिरोह और कन्हैया सिंह के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद से विपक्षी अखिलेश गिरोह के सदस्य गणेश गिरोह के निशाने पर थे। पहले कन्हैया की हत्या की योजना बनाई गई, लेकिन सुरक्षा कारणों से यह संभव नहीं हो पाया।
सूत्रों का कहना है कि झारखंड में अखिलेश गिरोह का वर्चस्व काफी मजबूत है, जिसके चलते वहां किसी सदस्य को निशाना बनाना आसान नहीं था। ऐसे में देहरादून में रह रहे विक्रम शर्मा को टारगेट करना गणेश गिरोह को आसान लगा।
बताया जा रहा है कि विक्रम शर्मा एक जनवरी को राधा स्वामी सत्संग में शामिल होने के लिए देहरादून से जमशेदपुर (झारखंड) गए थे। उनकी अनुपस्थिति में शूटर देहरादून पहुंचे और उनके ठिकानों की रेकी की। शूटरों का मानना था कि वारदात को उनकी गैरमौजूदगी में अंजाम देना ज्यादा आसान होगा।
सूत्रों के अनुसार हत्या के बाद तीनों आरोपी हिमाचल प्रदेश के रास्ते हरियाणा फरार हो गए। इस मामले में अमर सिंह गैंग के कनेक्शन की भी चर्चा है। बताया जा रहा है कि इन शूटरों पर अमर सिंह की हत्या का आरोप भी है, और फरारी में अमर गैंग की मदद की आशंका जताई जा रही है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है।




