गणेश गोदियाल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान सदन में विधायकों द्वारा उठाए जाने वाले जन मुद्दों पर सरकार जवाब देने से बच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में एक बार भी प्रश्नकाल के लिए सोमवार का दिन निर्धारित नहीं किया गया। उनका कहना है कि सोमवार का दिन मुख्यमंत्री के जवाब के लिए तय होने के कारण सरकार इस दिन प्रश्नकाल से बचती रही है।
कांग्रेस भवन में मीडिया से बातचीत के दौरान गोदियाल ने बताया कि आगामी विधानसभा का बजट सत्र 9 से 13 मार्च तक भराड़ीसैंण में आयोजित होने जा रहा है, लेकिन सरकार ने इसके लिए केवल पांच दिन निर्धारित किए हैं। कांग्रेस विधायकों की मांग है कि सत्र कम से कम एक माह तक चलना चाहिए, ताकि सभी 70 विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों के मुद्दे सदन में उठाने का पर्याप्त अवसर मिल सके।
प्रश्नकाल लोकतंत्र की आत्मा, संवाद से दूरी ठीक नहीं
गोदियाल ने कहा कि लोकतंत्र में प्रश्नकाल महज औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। सदन में पूछे गए प्रश्नों से सरकार की नीतियों, निर्णयों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार संवाद से दूर भागेगी तो जनता के मन में अविश्वास की भावना बढ़ेगी। कांग्रेस पार्टी सदन के भीतर और बाहर जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी।




