रुड़की। गंगनहर में लगातार हो रही दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की, दीपक रामचंद्र सेठ की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। यह पहल भाजपा जिला महामंत्री अक्षय प्रताप सिंह द्वारा दिए गए सुरक्षा संबंधी सुझावों के क्रम में की गई।
बैठक में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) के प्रोफेसर, राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (NIH) के विशेषज्ञ, सेना के प्रतिनिधि, एमएनए, उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग तथा उत्तराखंड सिंचाई विभाग के सिविल इंजीनियर और वास्तुविद मौजूद रहे। गंगनहर क्षेत्र को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए विस्तृत चर्चा की गई।
सुरक्षा ऑडिट, रेलिंग और नवाचार प्रतियोगिता सहित कई अहम निर्णय
बैठक में गंगनहर की सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए—
- पुलों पर सुरक्षा हार्नेस/रस्सियों की व्यवस्था की जाएगी, ताकि आकस्मिक स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।
- गंगनहर क्षेत्र का समग्र सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा।
- घाटों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक स्थानों पर मजबूत रेलिंग लगाई जाएगी, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां जल प्रवाह कम या बंद रहता है।
- प्रमुख स्थानों पर चेतावनी संकेतक बोर्ड, लाउडस्पीकर तथा अन्य जनजागरूकता उपाय लागू किए जाएंगे।
- आईआईटी रुड़की के सहयोग से विद्यार्थियों के बीच एक नवाचार प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें गंगनहर घाटों की सुरक्षा के लिए आधुनिक एवं तकनीकी समाधान आमंत्रित किए जाएंगे।
इस अवसर पर भाजपा जिला महामंत्री अक्षय प्रताप सिंह ने संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि त्वरित संज्ञान लेकर बैठक आयोजित करना और ठोस निर्णय लेना जनसुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रशासन, तकनीकी संस्थानों और संबंधित विभागों ने समन्वित प्रयासों से गंगनहर को सुरक्षित बनाने का संकल्प लिया है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।




