रुड़की:- रुड़की के शिवपुरम, कृष्णा नगर और पनियाला रोड क्षेत्र में लंबे समय से बनी जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर शनिवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब समाधान के लिए मौके पर पहुंची नगर निगम की टीम को स्थानीय ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। हालांकि, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नगर निगम प्रशासन ने फिलहाल नाले का पानी निकालने की कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए निकासी व्यवस्था को खुलवा दिया। इस दौरान मौके पर मौजूद नगर निगम मेयर, नगर आयुक्त और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि के बीच तीखी नोंकझोंक देखने को मिली। मेयर ने प्रधान प्रतिनिधि पर नगर निगम क्षेत्र में आकर गुंडागर्दी करने और प्रशासनिक कार्य में बाधा डालने के आरोप लगाए, जबकि प्रधान प्रतिनिधि ने प्रशासन पर जबरन नाला खोलकर ग्रामीण इलाकों को जलभराव की ओर धकेलने का आरोप लगाया और मामले में मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी।
बताया जा रहा है कि रुड़की नगर निगम क्षेत्र के पनियाला रोड की कई कॉलोनियों में जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण पिछले काफी समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है। बरसात के दौरान हालात और भी खराब हो जाते हैं, जिससे सड़कों पर पानी भर जाता है और कई लोगों के घरों में भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। वहीं, हाल ही में रहीमपुर क्षेत्र की ओर से नगर निगम क्षेत्र का पानी बंद किए जाने के बाद समस्या और अधिक विकराल हो गई थी। इसी को लेकर शनिवार को नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त टीम नगर आयुक्त राकेश तिवारी और मेयर अनीता अग्रवाल के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची।

जैसे ही नाले की खुदाई और पानी की निकासी की कार्रवाई शुरू की गई, रहीमपुर के ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि नदीम का कहना था कि नगर निगम का पानी उनके गांव के घरों और खेतों में भर जाता है, जिससे किसानों की फसलों को भारी नुकसान हो रहा है और ग्रामीणों को भी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं दूसरी ओर नगर निगम मेयर अनीता अग्रवाल और उनके प्रतिनिधि ललित मोहन अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि नगर निगम क्षेत्र के सैकड़ों घर जलभराव से प्रभावित हैं और इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए नाले को खोलना बेहद जरूरी है। नगर आयुक्त राकेश तिवारी ने भी जलनिकासी को प्राथमिकता बताते हुए पुलिस की सहायता से जेसीबी मशीन चलवाकर पानी की निकासी सुनिश्चित करवाई।
कार्रवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच कई बार तीखी बहस और नोकझोंक की स्थिति बनी रही। मेयर और उनके प्रतिनिधि ने प्रधान प्रतिनिधि पर बदमाशी करने का आरोप लगाया, जबकि प्रधान प्रतिनिधि ने कहा कि प्रशासन ने उनकी बात सुने बिना जबरन नाला खोल दिया है, जिससे ग्रामीणों को नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने मामले की शिकायत सीएम पोर्टल पर करने और नगर आयुक्त तथा मेयर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की बात कही है। फिलहाल पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रण में रखा गया है, लेकिन जलनिकासी को लेकर नगर निगम और ग्रामीणों के बीच टकराव पूरी तरह समाप्त होता नजर नहीं आ रहा है।



