ज्वालापुर (हरिद्वार):-पूर्व विधायक रहे सुरेश राठौर की कानूनी परेशानियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। लगातार सामने आ रहे विवादों और जांचों के बीच अब उनके खिलाफ एक और आपराधिक मामला दर्ज होने से राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। वायरल ऑडियो प्रकरण और बहुचर्चित अंकिता भंडारी मामले से जुड़े विवादों के बाद यह नया मुकदमा ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र में दर्ज किया गया है, जिसमें उन पर धोखाधड़ी करने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, यह मामला न्यायालय के स्पष्ट निर्देश के बाद दर्ज किया गया है। मामले के शिकायतकर्ता राजेश कुमार का आरोप है कि उनके और पूर्व विधायक सुरेश राठौर के बीच पुराने परिचय और संबंध रहे हैं। इसी विश्वास के चलते कुछ समय पहले सुरेश राठौर ने उनसे उनकी निजी गाड़ी मांगकर ली थी। हालांकि, काफी समय बीत जाने के बावजूद जब गाड़ी वापस नहीं की गई तो शिकायतकर्ता ने अपनी गाड़ी लौटाने की मांग की।
शिकायतकर्ता का कहना है कि जब उन्होंने बार-बार अपनी गाड़ी वापस मांगी तो पूर्व विधायक ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उन्हें जान से मारने की धमकी तक दे डाली। पीड़ित का यह भी आरोप है कि लगातार दबाव बनाए जाने के बावजूद गाड़ी आज तक वापस नहीं की गई है। इस पूरे घटनाक्रम से आहत होकर शिकायतकर्ता ने पहले स्थानीय पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होने पर अंततः उन्होंने अदालत का सहारा लिया।
अदालत के आदेश के अनुपालन में ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि कोर्ट के निर्देशों के तहत मामला दर्ज किया गया है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष व गहन जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि पूर्व विधायक सुरेश राठौर पहले से ही कई मामलों को लेकर जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो के सामने आने के बाद हरिद्वार और देहरादून जनपदों में उनके खिलाफ चार अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। हालांकि, इन मामलों में फिलहाल उन्हें हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर राहत प्राप्त है।
इसी वायरल ऑडियो प्रकरण को लेकर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा भी पूर्व विधायक से लंबी पूछताछ की जा चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी की टीम ने ज्वालापुर स्थित उनके कार्यालय में करीब साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ की, जिसमें उनसे 100 से अधिक सवाल किए गए और उनके बयान दर्ज किए गए। पूछताछ के दौरान एसआईटी प्रमुख नवनीत सिंह भुल्लर, निरीक्षक आर.के. सकलानी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
एसआईटी अधिकारियों का कहना है कि वायरल ऑडियो की सत्यता, उसकी पृष्ठभूमि और उससे जुड़े तमाम पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। इसके साथ ही मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों से भी पूछताछ कर साक्ष्यों को जोड़ा जा रहा है। सूत्रों का यह भी कहना है कि जांच के आगे बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में सुरेश राठौर से एक बार फिर पूछताछ की जा सकती है।
कुल मिलाकर, पूर्व विधायक सुरेश राठौर के खिलाफ लगातार दर्ज हो रहे मामलों ने उनकी कानूनी चुनौतियों को और गहरा कर दिया है। पुलिस और विभिन्न जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।



