हरिद्वार:- धार्मिक नगरी हरिद्वार की पवित्र हरकी पैड़ी पर अरबी शेख की वेशभूषा में घूमकर वीडियो बनाना दो युवकों को महंगा पड़ गया। मंगलवार को अरबी पहनावे में दो युवक हरकी पैड़ी क्षेत्र में घूमते और वीडियो रिकॉर्ड करते हुए दिखाई दिए, जिसे देखकर वहां मौजूद स्थानीय पंडितों व श्रद्धालुओं ने आपत्ति जताई। स्थानीय लोगों द्वारा जब युवकों से इस वेशभूषा में हरकी पैड़ी क्षेत्र में आने का कारण पूछा गया तो उन्होंने यह कहते हुए जवाब दिया कि भारत में वे कहीं भी घूम सकते हैं। इस पर वहां मौजूद लोगों ने विरोध जताया। स्थिति बिगड़ती देख दोनों युवकों ने तुरंत अपना पहनावा बदला और मौके से चले गए।
इस पूरी घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसे गंभीरता से लेते हुए हरिद्वार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और अन्य माध्यमों से दोनों युवकों की पहचान की। जांच में सामने आया कि दोनों युवक वर्तमान में रावली महदूद, सिडकुल क्षेत्र में रह रहे हैं। प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर हरिद्वार के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसने कुछ ही घंटों के भीतर दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए कोतवाली नगर पहुंचाया।

पूछताछ में युवकों ने अपना नाम नवीन कुमार पुत्र मुन्ना, उम्र 22 वर्ष, निवासी रावली महदूद सिडकुल तथा प्रिंस पुत्र सोमपाल, उम्र 22 वर्ष, निवासी जप्ता नगर, थाना रहे, जिला बिजनौर (वर्तमान पता रावली महदूद सिडकुल, हरिद्वार) बताया। जब पुलिस ने उनसे हरकी पैड़ी आने का कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि उनका एक यूट्यूब चैनल है और वे सोशल मीडिया के लिए वीडियो बना रहे थे। युवकों ने यह भी स्वीकार किया कि इससे पहले वे पेंटागन मॉल और शिवालिक नगर क्षेत्र में भी इसी प्रकार के वीडियो बना चुके हैं, जिन्हें सोशल मीडिया पर अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। इसी वजह से उन्होंने हरकी पैड़ी पर भी वीडियो बनाने का प्रयास किया।
हालांकि, युवकों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि उनका किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। यदि उनके कृत्य से किसी की भावना आहत हुई हो तो वे इसके लिए क्षमा चाहते हैं। दोनों युवकों ने भविष्य में इस प्रकार की वीडियो न बनाने का आश्वासन भी पुलिस को दिया। पुलिस ने दोनों युवकों के विरुद्ध पुलिस अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की। हरिद्वार पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी घटना की सत्यता जाने बिना सोशल मीडिया पर अफवाह या भ्रामक जानकारी का प्रचार-प्रसार न करें।
