Windlas Biotech Limited के मोहब्बेवाला स्थित प्लांट में रविवार को कर्मचारियों का आक्रोश फूट पड़ा। वेतन वृद्धि और सालभर बाद दिए जाने वाले अनिवार्य ब्रेक सिस्टम को समाप्त करने की मांग को लेकर कर्मचारियों ने कंपनी गेट के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और लंबे समय से मांगों की अनदेखी का आरोप लगाया।
सुबह करीब छह बजे बड़ी संख्या में कर्मचारी कंपनी परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए। सूचना मिलते ही अन्य कर्मचारी भी मौके पर पहुंचने लगे, जिसके बाद वहां कर्मचारियों की भीड़ जुट गई। स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी मौके पर तैनात किए गए।
“11-12 हजार रुपये वेतन में घर चलाना मुश्किल”
कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी में करीब 700 कर्मचारी विभिन्न शिफ्टों में कार्यरत हैं, जिनमें लगभग 70 प्रतिशत कर्मचारी अस्थायी हैं। आरोप है कि उन्हें प्रतिमाह केवल 11 से 12 हजार रुपये वेतन दिया जा रहा है, जो बढ़ती महंगाई के मुकाबले बेहद कम है। साथ ही कर्मचारियों से निर्धारित समय से अधिक काम कराया जाता है।
कंपनी कर्मचारी विकास ने बताया कि कंपनी में ओवरटाइम की सुविधा भी नहीं दी जाती, जिससे अतिरिक्त काम करने के बावजूद उन्हें अतिरिक्त भुगतान नहीं मिल पाता। कर्मचारियों ने कहा कि सबसे बड़ी समस्या “ब्रेक सिस्टम” है।
उनका आरोप है कि कंपनी एक वर्ष तक काम कराने के बाद अस्थायी कर्मचारियों को तीन महीने का ब्रेक दे देती है। इसके बाद कर्मचारियों को दोबारा नए दस्तावेजों के साथ नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। कर्मचारियों का कहना है कि इस व्यवस्था के कारण उन्हें आर्थिक और पारिवारिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने मांग की कि यदि कंपनी उन्हें स्थायी नियुक्ति नहीं देना चाहती, तो कम से कम सालभर बाद दिए जाने वाले अनिवार्य ब्रेक सिस्टम को समाप्त किया जाए।



