रुड़की के लंढौरा क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच अस्पतालों को सील कर दिया। इन अस्पतालों में बिना योग्य डॉक्टरों के इलाज, डिलीवरी और अल्ट्रासाउंड किए जा रहे थे। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है।
उत्तराखंड में फर्जी और बिना अनुमति के संचालित अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर हरिद्वार से पहुंचे अपर मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रमेश कुंवर के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन की टीम ने लंढौरा क्षेत्र में कई अस्पतालों पर औचक छापेमारी की।
बिना डॉक्टर इलाज और अल्ट्रासाउंड, लाखों का जुर्माना
कार्रवाई के दौरान भारत हेल्थ केयर, सुपर हेल्थ केयर, निर्मला मैटरनिटी होम, ग्लोबल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल और इंडियन नर्सिंग होम में भारी अनियमितताएं पाई गईं। जांच में सामने आया कि अस्पतालों में न तो योग्य डॉक्टर मौजूद थे और न ही प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ। बिना डिग्री और प्रशिक्षण के मरीजों का इलाज किया जा रहा था, यहां तक कि डिलीवरी भी कराई जा रही थी।
स्वास्थ्य विभाग की टीम को अस्पतालों में बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण और अग्निशमन मानकों का भी खुला उल्लंघन मिला। इसके बाद विभाग ने सभी अस्पतालों को सील करते हुए 50 हजार से 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया।
सबसे गंभीर मामला ग्लोबल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में सामने आया, जहां बिना किसी विशेषज्ञ डॉक्टर के अल्ट्रासाउंड किए जा रहे थे। स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल अल्ट्रासाउंड रूम को सील कर दिया। अब अस्पताल के खिलाफ PCPNDT एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
अपर मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रमेश कुंवर ने कहा कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार का स्वास्थ्य फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर जेल भी भेजा जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद अवैध रूप से अस्पताल चला रहे संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने साफ कर दिया है कि ऐसे अस्पतालों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

