
दिल्ली: संसद का मानसून सत्र 2025 आज सिर्फ बहस नहीं, बल्कि एक राजनीतिक जंग में बदल गया। ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ पर आज जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लोकसभा में बोले, तो लगा कि सरकार अपनी पोजिशन साफ़ करेगी। लेकिन असली हलचल तब मची जब शशि थरूर से सवाल किया गया — और उन्होंने सिर्फ दो शब्द बोले: “मौनव्रत…“
क्या ये चुप्पी डर है या विरोध?
थरूर का बहस में हिस्सा न लेना, NDTV के मुताबिक़, कांग्रेस के भीतर भी मतभेद को दिखाता है। क्या कांग्रेस सरकार का साथ दे रही है पर्दे के पीछे? या फिर डर है कि सच्चाई बाहर न आ जाए?
पहलगाम हमले और ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ दोनों में सुरक्षा विफलता की गूंज है — लेकिन क्या संसद में असली सवाल पूछे जाएंगे, या फिर ये सब भी राजनीतिक नौटंकी बन जाएगा?
प्रधानमंत्री मोदी की संसद में मौजूदगी से माहौल और गर्म है। लेकिन लोगों की नजर अब सिर्फ इस पर है:
क्या कोई बताएगा कि ऑपरेशन सिन्दूर में असल में हुआ क्या था?



