सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को उस दावे को लेकर फटकार लगाई, जिसमें उन्होंने कहा था कि चीन ने भारत की 2,000 किलोमीटर से अधिक जमीन पर कब्जा कर लिया है। कोर्ट ने कहा कि “एक सच्चा भारतीय ऐसा बयान नहीं देगा।” हालांकि, अदालत ने इस बयान से जुड़े मानहानि के मुकदमे की कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगा दी।
राहुल गांधी ने अपनी 2023 की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान दावा किया था कि एक पूर्व सेना अधिकारी ने उन्हें बताया था कि चीन ने भारत की 2,000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया है।
“तुम्हें कैसे पता चला कि चीन ने 2,000 किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया?” — सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की मानहानि केस को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सवाल किया। अदालत ने जोर देते हुए कहा, “अगर आप सच्चे भारतीय हैं, तो आप ऐसा नहीं कहेंगे।”
न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की पीठ ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को फटकार लगाते हुए पूछा,
“आप विपक्ष के नेता हैं, फिर आप ऐसी बातें क्यों कह रहे हैं? आप ये सवाल संसद में क्यों नहीं उठाते?”
राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख तब किया जब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 29 मई को उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने समन और आपराधिक शिकायत को चुनौती दी थी। राहुल गांधी का कहना था कि यह मामला राजनीतिक उद्देश्य से और द्वेषपूर्ण इरादे से दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता उदय शंकर श्रीवास्तव ने आरोप लगाया था कि दिसंबर 2022 में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान राहुल गांधी ने भारत और चीन के सीमा विवाद के संदर्भ में भारतीय सेना के खिलाफ कई आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं।



