मतदान में धांधली के आरोपों को लेकर चुनाव आयोग से टकराव के बीच, सूत्रों के अनुसार विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने पर विचार कर रहा है।
सूत्रों ने बताया कि संसद में विपक्षी दलों के नेताओं की आज सुबह हुई बैठक में चुनाव आयोग प्रमुख को हटाने का प्रस्ताव लाने पर चर्चा की गई।
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाने जैसी होती है। इसके लिए संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित होना आवश्यक है। हटाने के आधार “सिद्ध दुराचार या अक्षमता” माने जाते हैं। लेकिन विपक्ष के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है, इसलिए यह कदम ज्यादा दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
विपक्ष की यह योजना चुनाव आयोग प्रमुख के उन तीखे बयानों के बाद सामने आई है, जिनमें उन्होंने INDIA ब्लॉक के मतदान में धांधली के आरोपों को निशाना बनाया था।
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राहुल गांधी के “वोट चोरी” हमले का जवाब देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कल कहा कि इस तरह के “अनुचित शब्दों” का इस्तेमाल संविधान का अपमान है।
कल दोपहर प्रेस वार्ता में मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चुनाव आयोग का इस्तेमाल राजनीतिक मकसद से भारत के मतदाताओं को निशाना बनाने के लिए एक मंच के रूप में किया जा रहा है, लेकिन आयोग पूरी मजबूती से मतदाताओं के साथ खड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग के लिए हर पार्टी समान है और वह सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच कोई भेदभाव नहीं करता।
इस महीने की शुरुआत में राहुल गांधी ने कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान में धांधली का आरोप लगाया था। लोकसभा में विपक्ष के नेता अब बिहार में मतदाता अधिकार यात्रा निकाल रहे हैं। यह यात्रा 20 ज़िलों में 1,300 किमी की दूरी तय करेगी। कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टी आरजेडी ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को चुनौती दी है और आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग भाजपा के साथ मिलकर मतदाता सूची से छेड़छाड़ कर रहा है ताकि सत्तारूढ़ दल को लाभ पहुँचे।
इन आरोपों का जवाब देते हुए चुनाव आयोग प्रमुख ने कहा, “एक लोकसभा चुनाव के लिए 1 करोड़ से ज़्यादा अधिकारी, 10 लाख से ज़्यादा बूथ-स्तरीय एजेंट और 20 लाख से अधिक पोलिंग एजेंट काम करते हैं। इतने लोगों और इतने पारदर्शी प्रक्रिया के बीच क्या कोई वोट चुरा सकता है? डबल वोटिंग के कुछ आरोप लगे, लेकिन जब हमने सबूत मांगे, तो हमें कुछ नहीं मिला। ऐसे आरोप न चुनाव आयोग को डराते हैं और न ही किसी मतदाता को।”
महादेवपुरा मामले पर राहुल गांधी के आरोपों के बाद कर्नाटक चुनाव आयोग ने उनसे शपथ लेकर यह घोषणा-पत्र (डिक्लेरेशन) जमा करने को कहा था कि मतदाता सूची में गड़बड़ी है। लेकिन राहुल गांधी ने इससे इनकार किया और कहा कि उन्होंने जो आंकड़े दिए थे, वे चुनाव आयोग के ही थे, उनके नहीं।
राहुल गांधी से हलफनामा (शपथपत्र) मांगते हुए श्री कुमार ने कहा, “या तो हलफनामा देना होगा या फिर देश से माफी माँगनी होगी। तीसरा कोई विकल्प नहीं है। अगर सात दिन के भीतर हलफनामा नहीं मिलता है, तो इसका मतलब होगा कि ये सारे आरोप निराधार हैं।”
जब मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की योजना पर सवाल किया गया तो कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा, “मुख्य चुनाव आयुक्त ने भाजपा प्रवक्ता की तरह बात की है। हम संसदीय लोकतंत्र में हमारे पास उपलब्ध हर विकल्प का इस्तेमाल करेंगे।”
भाजपा ने इन रिपोर्टों पर विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया है। राज्यसभा सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा, “हम मूर्खों से और क्या उम्मीद कर सकते हैं? मुझे आश्चर्य है कि इन्होंने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के खिलाफ भी महाभियोग प्रस्ताव क्यों नहीं लाया।”



