केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की “नैतिकता” पर सवाल उठाते हुए उनकी पार्टी पर संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 को लेकर “दोहरे मापदंड” अपनाने का आरोप लगाया।
अमित शाह ने 2013 की उस घटना का ज़िक्र किया, जब राहुल गांधी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा लालू प्रसाद यादव को राहत देने के लिए लाए गए अध्यादेश को फाड़ दिया था।
लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले में दोषी ठहराए जाने के बाद लाए गए अध्यादेश ने दोषी सांसदों और विधायकों को अपनी सीट बचाने के लिए तीन महीने की राहत दी थी।
‘दोहरे मापदंड’
अमित शाह ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि कांग्रेस अब बिहार में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का समर्थन कर रही है, जबकि पहले वह इसी तरह के मामलों का विरोध करती रही है।
उन्होंने 2013 में मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश का ज़िक्र किया, जिसका उद्देश्य उन सांसदों और विधायकों को राहत देना था जिन्हें किसी अपराध में अयोग्य या दोषी ठहराया गया था।
अमित शाह का राहुल गांधी पर हमला: संविधान संशोधन विधेयक पर उठाए सवाल, ‘नैतिकता के मापदंड ऐसे नहीं’
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी की “नैतिकता” पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस पार्टी पर संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 को लेकर “दोहरे मापदंड” अपनाने का आरोप लगाया।
अमित शाह ने कहा कि सवाई माधोपुर में पहले कभी इतनी बारिश नहीं देखी गई थी और सूरवाल डैम उफान पर आने से दर्जनों गाँव जलमग्न हो गए। (यहाँ आप चाहें तो राजस्थान वाली खबर अलग भी रख सकते हैं।)
ANI को दिए एक विशेष साक्षात्कार में अमित शाह ने 2013 की उस घटना का ज़िक्र किया, जब राहुल गांधी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा लाए गए अध्यादेश को प्रेस कॉन्फ्रेंस में फाड़ दिया था। यह अध्यादेश चारा घोटाले में दोषी लालू प्रसाद यादव समेत उन सांसदों और विधायकों को राहत देने के लिए लाया गया था, जिन्हें किसी अपराध में अयोग्य या दोषी ठहराया गया था।
अमित शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी अब बिहार में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का समर्थन कर रही है, जबकि पहले वह ऐसे ही मामलों का विरोध करती थी। उन्होंने इसे “कांग्रेस की दोहरी नीति” करार दिया।
गृह मंत्री ने कहा, “नैतिकता के मापदंड ऐसे नहीं होते। कांग्रेस जब चाहती है तब अध्यादेश फाड़ देती है, और जब चाहे तब उसका समर्थन करती है।”



