क्रिकेट की दुनिया में दबे शब्दों में सही, परन्तु यह बात सुर्ख़ियों में है कि भारतीय टीम के अनुभवी बल्लेबाज़ रोहित शर्मा और विराट कोहली ऑस्ट्रेलिया के साथ होने वाली वन-डे सीरीज़ के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले सकते हैं। यह दावा पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने किया है, जिन्होंने खुलकर कहा है कि इन दोनों महान खिलाड़ियों का क्रिकेट के प्रति योगदान और स्थिति ऐसी नहीं कि उन्हें टीम प्रबंधन द्वारा इस तरह “अपमानजनक तरीके” से ट्रीट किया जाए।
मनोज तिवारी का कहना है कि विराट कोहली और रोहित शर्मा दोनों की स्थिति ऐसी हो गई है कि उन्हें अब “सम्मान और आत्म-गरिमा” के साथ टीम में उचित जगह नहीं मिल रही है। इसलिए ये दोनों खिलाड़ी “अपमान के स्तर” को बर्दाश्त नहीं करेंगे। तिवारी ने कहा कि सीरीज़ के बाद दोनों के संन्यास लेने की संभावना है। उन्होंने यहां तक कहा कि “विराट कोहली की अब टीम को ज़रूरत नहीं है।”
इन अफ़वाहों का खंडन करते हुए बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि विराट और रोहित दोनों वर्तमान में वन-डे क्रिकेट खेल रहे हैं और अभी तक उन्होंने संन्यास की कोई घोषणा नहीं की है।
पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने भी कहा है कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि रोहित-विराट ने संन्यास के बारे में कोई निश्चित निर्णय लिया है। गांगुली ने यह माना कि दोनों खिलाड़ियों का सीमित फॉर्मेट में प्रदर्शन अभी भी महत्वपूर्ण है और जब तक वे अच्छा खेलने में सक्षम हैं, उन्हें टीम में बनाए रखना चाहिए।
टीम प्रबंधन ने ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ से पहले शुभमन गिल को वन-डे टीम का कप्तान बनाया है। इस निर्णय से संकेत मिले हैं कि युवा नेतृत्व को अवसर दिया जा रहा है। इस फैसले से यह अटकलें तेज़ हुई हैं कि वरिष्ठ खिलाड़ियों के लिए टीम में जगह कम होती जा रही है।
संक्षेप में कहा जाए, तो अफ़वाहें हैं कि ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ के बाद रोहित और विराट संन्यास ले सकते हैं, ख़ास तौर पर तब जब उन्हें लगता है कि सम्मान या भूमिका वह नहीं है जो वे उम्मीद करते हैं। लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, और दोनों खिलाड़ी अभी भी भारतीय टीम के लिए उपलब्ध हैं।



