उत्तराखंड के ऊधमसिंहनगर जिले के काशीपुर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। एक प्रेमी ने अपनी प्रेमिका की बेरहमी से हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव को हरिद्वार लाकर जला दिया। एक सप्ताह पहले हरिद्वार के श्यामपुर क्षेत्र में हाईवे किनारे खेत में एक अधजला महिला शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। अब पुलिस ने इस गुत्थी को सुलझाते हुए प्रेमी और एक महिला को गिरफ्तार कर हत्या का खुलासा किया है।
घटना का खुलासा
पुलिस के अनुसार, काशीपुर निवासी सलमान नाम के युवक का प्रेम-प्रसंग सीमा खातून नामक युवती से चल रहा था। कुछ समय से दोनों के रिश्तों में तनाव था। सलमान अब सीमा से पीछा छुड़ाकर कहीं और शादी करना चाहता था, जबकि सीमा उस पर शादी का दबाव बना रही थी। इसी बीच, काशीपुर की एक महिला को यह शक था कि सीमा की वजह से उसका बेटा जेल चला गया था। इन दोनों ने मिलकर सीमा को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
हत्या की साजिश और वारदात
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों ने पहले सीमा को ट्रक में बुलाया, जहां सलमान ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को छिपाने के लिए दोनों ने एक ट्रक से हरिद्वार तक का सफर तय किया। हरिद्वार पहुंचने पर श्यामपुर क्षेत्र में हाईवे किनारे खेत में शव को डीजल डालकर जला दिया गया, ताकि पहचान न हो सके। लेकिन अधजले शव और घटनास्थल पर मिले कुछ सुरागों ने पुलिस को जांच की दिशा में आगे बढ़ाया।
पुलिस की सूझबूझ से खुला मामला
घटना के खुलासे में सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की जानकारी ने अहम भूमिका निभाई। हरिद्वार पुलिस ने ऊधमसिंहनगर पुलिस से समन्वय कर आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार किया।
एसपी क्राइम जितेंद्र मेहरा और एसपी सिटी पंकज गैरोला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सलमान ने अपना अपराध कबूल करते हुए कहा कि वह सीमा से छुटकारा पाना चाहता था, क्योंकि वह लगातार शादी के लिए दबाव डाल रही थी।
पुलिस कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया
पुलिस ने आरोपी सलमान और उसकी महिला साथी दोनों को गिरफ्तार कर हत्या और सबूत नष्ट करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस साजिश में और लोग शामिल थे या नहीं।
समाज के लिए चेतावनी
यह घटना न केवल प्रेम-प्रसंगों में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे निजी विवाद अपराध का रूप ले लेते हैं। समाज में संवाद और भावनात्मक नियंत्रण की कमी ऐसे मामलों की जड़ में दिखाई देती है। प्रेम का संबंध जब स्वार्थ और अविश्वास में बदल जाता है, तो उसका अंत विनाशकारी हो जाता है।
काशीपुर की यह घटना न केवल पुलिस जांच की दक्षता को दर्शाती है, बल्कि यह समाज को भी चेतावनी देती है कि संवेदनाओं की हत्या कभी समाधान नहीं होती। प्रेम, विश्वास और संवाद की जगह अगर हिंसा और धोखे ने ले ली, तो उसका परिणाम हमेशा विनाशकारी होता है। पुलिस की तत्परता से यह सनसनीखेज हत्याकांड सुलझा लिया गया है, लेकिन इस घटना ने समाज को एक गहरा सवाल जरूर दे दिया है — “क्या आज का प्रेम सिर्फ रिश्तों का नाम रह गया है, भावना का नहीं?”


