पौड़ी:- अंकिता भंडारी के नाम पर प्रस्तावित नर्सिंग कॉलेज को लेकर चल रहे विवाद पर अब अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कॉलेज का नाम अंकिता के नाम पर रखने के फैसले के विरोध को पूरी तरह गलत करार देते हुए कहा कि यह निर्णय उनके परिवार की भावनाओं से गहराई से जुड़ा हुआ है। वीरेंद्र भंडारी का कहना है कि बेटी को खोने के बाद यह नामकरण उनके लिए एक भावनात्मक सम्मान है और ऐसे में इसका विरोध किया जाना उनकी समझ से परे है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक नाम नहीं, बल्कि उनकी बेटी की स्मृति और सम्मान से जुड़ा विषय है।

वहीं इस पूरे मामले पर सामाजिक कार्यकर्ता नमन चंदोला ने संतुलित प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अंकिता के परिजनों की नाराजगी और भावनाएं पूरी तरह स्वाभाविक हैं और इसमें किसी भी तरह की असंवेदनशीलता नहीं दिखाई जानी चाहिए। नमन चंदोला ने यह भी स्पष्ट किया कि वे अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई में हर स्तर पर परिवार के साथ खड़े हैं और आगे भी रहेंगे। हालांकि, उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों के नामकरण को लेकर अपनी आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह किसी घटना या व्यक्ति के नाम पर संस्थान रखने की परंपरा भविष्य के लिए उचित नहीं मानी जा सकती। उनके अनुसार, यदि ऐसी परंपरा की शुरुआत होती है तो आने वाले समय में इसके दूरगामी और जटिल प्रभाव देखने को मिल सकते हैं, जिस पर समाज को गंभीरता से विचार करना चाहिए।



