भाजपा के पूर्व विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन द्वारा सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत पर आरोप लगाए गए। चैंपियन ने आरोप लगाया कि वर्ष 2002 में गोदियाल उन्हें मुंबई के एक डांस क्लब में लेकर गए थे तथा हरक सिंह रावत से जुड़े ‘जैनी प्रकरण’ का भी उल्लेख किया।
इन आरोपों पर पलटवार करते हुए गोदियाल ने कहा कि 2002-03 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा और कांग्रेस विधायकों की ड्यूटी लगी थी और सभी एक ही विमान से मुंबई गए थे। एयरपोर्ट पर दोनों दलों के विधायकों ने दावत की बात कही। उन्होंने कहा कि पहले घर पर पार्टी का प्रस्ताव रखा गया, लेकिन कई विधायकों के आग्रह पर घर के पास एक रेस्टोरेंट में आयोजन किया गया।
गोदियाल के अनुसार भोजन के दौरान चैंपियन ने कहा कि “मुंबई आए हैं तो नाच-गाना होना चाहिए।” इसके बाद एक अन्य क्लब में व्यवस्था की गई, जहां महिला और पुरुष डांस कर रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें कोई अनैतिकता नहीं थी। गोदियाल ने कहा कि 24 साल बाद इस प्रकार के आरोप लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है और उस कार्यक्रम के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी गवाह हैं।
विद्वेष की राजनीति पर हरीश रावत की टिप्पणी, हरक सिंह रावत ने भी दिया जवाब
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उत्तराखंड एक छोटा राज्य है, जहां जातीय, धार्मिक, भाषाई या क्षेत्रीय विद्वेष की राजनीति के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि विद्वेष की राजनीति बढ़ती है तो यह राज्य के लिए दुर्भाग्यपूर्ण होगा। उन्होंने स्वस्थ, परिश्रम आधारित और प्रतिस्पर्धी राजनीति अपनाने की अपील की।
वहीं कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने भी चैंपियन के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि 2007 से 2012 के दौरान उन्होंने चैंपियन के साथ काम किया है और वे भली-भांति जानते हैं कि परिस्थितियां क्या थीं। 2012 के ‘जैनी प्रकरण’ के बाद भी वे भारी मतों से चुनाव जीते, जो जनता के विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि समाज इस तरह के आरोपों को गंभीरता से नहीं लेता।




