नानकमत्ता की पावन धरती पर आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भव्य स्वागत किया गया। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती समारोह में मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया और थारू समाज के विकास, शिक्षा, रोजगार एवं सांस्कृतिक संरक्षण को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं।नानकमत्ता में आयोजित महाराणा प्रताप जयंती समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप को भारत के स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रभक्ति का अमर प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है और राष्ट्र व संस्कृति की रक्षा के लिए हमें सदैव अपने सिद्धांतों पर अडिग रहना चाहिए।मुख्यमंत्री ने थारू समाज की संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति से जुड़े जीवन मूल्यों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने शिक्षा, आवास, छात्रावास, खेल सुविधाएं, स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण योजनाओं के तहत दी जा रही करोड़ों रुपये की सहायता का भी उल्लेख किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सम्मान और उत्थान के लिए कई ऐतिहासिक योजनाएं लागू की गई हैं। राज्य सरकार भी जनजातीय क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने, युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने धर्मांतरण के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में धर्मांतरण जैसी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य की संस्कृति और आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।इस अवसर पर पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए नानकमत्ता क्षेत्र के विकास से जुड़ी कई मांगें रखीं। इनमें उप तहसील को पूर्ण तहसील और नगर पंचायत को नगर पालिका बनाने की मांग प्रमुख रही।नानकमत्ता से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनजातीय विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, समाजसेवी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।




