
‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत श्रीनगर के लिडवास क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए तीन आतंकियों को मार गिराया। मारे गए आतंकियों में *पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड* हाशिम मूसा भी शामिल था, जिसे सुलैमान शाह के नाम से भी जाना जाता था।
यह ऐतिहासिक ऑपरेशन देश की चार प्रमुख सुरक्षा एजेंसियों—24 राष्ट्रीय राइफल्स (24 RR), 4 पैरा (4 PARA), जम्मू-कश्मीर पुलिस (JKP) और सीआरपीएफ (CRPF)—की संयुक्त योजना और साहसिक कार्रवाई का नतीजा था।
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए पर्यटकों पर आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इस क्रूर वारदात के जवाब में भारत ने पहले *7 मई को ऑपरेशन सिंदूर* के तहत पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी अड्डों पर हवाई हमले किए।
लेकिन असली लक्ष्य उन आतंकियों को ढूंढकर खत्म करना था, जो घाटी में छिपे हुए थे। इसी उद्देश्य से *ऑपरेशन महादेव* की रणनीति बनाई गई। यह अभियान लगातार 14 दिनों तक चला और आखिरकार भारत ने घाटी में छिपे आतंक के इस तंत्र को जड़ से खत्म कर दिया।



