रुड़की:- ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर फेडरेशन से जुड़े राशन डीलरों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा, जब वे आरएफसी गोदाम पर एकत्र होकर विभागीय लापरवाही के खिलाफ मुखर हुए। राशन डीलरों का कहना है कि पिछले करीब तीन महीनों से उन्हें चावल का कोटा नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते सार्वजनिक वितरण प्रणाली पूरी तरह से प्रभावित हो रही है। डीलरों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही राशन आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। इस मौके पर यूनियन के अध्यक्ष अनीस अहमद गौड़ ने कहा कि विभाग की उदासीनता के कारण राशन डीलर लगातार परेशानी झेल रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले उच्चाधिकारियों द्वारा चावल की उपलब्धता न होने की बात कही गई थी, लेकिन वर्तमान में रुड़की स्थित आरएफसी गोदाम पर बड़ी मात्रा में चावल पहुंच चुका है। बावजूद इसके, ट्रकों के गोदाम में खड़े रहने के बाद भी डीलरों को राशन का आवंटन नहीं किया जा रहा है। इससे न केवल डीलरों की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है, बल्कि आम जनता को भी समय पर राशन नहीं मिल पा रहा है।
यूनियन के उपाध्यक्ष रशीद मलिक और तेजपाल सिंह ने गोदाम पर तैनात अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संबंधित विपणन अधिकारी एवं अन्य जिम्मेदार कर्मचारी समय पर गोदाम पर उपस्थित नहीं रहते। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दे रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर अधिकारी अपने दायित्वों से मुंह मोड़े नजर आ रहे हैं। अधिकारियों की अनुपस्थिति के चलते राशन डीलरों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और वे जनता के रोष का सामना करने को मजबूर हैं। डीलरों ने बताया कि राशन आपूर्ति बाधित होने की जानकारी वे कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से विभागीय अधिकारियों को दे चुके हैं। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। राशन कार्डधारक लगातार चावल की मांग कर रहे हैं, लेकिन विभागीय शिथिलता के कारण वितरण पूरी तरह ठप पड़ा है। डीलरों का कहना है कि वे जनता और प्रशासन के बीच फंसे हुए हैं, जहां उन्हें बिना गलती के आलोचना झेलनी पड़ रही है।
डीलरों ने यह भी बताया कि गोदाम में मौजूद वरिष्ठ विपणन अधिकारी इशरत अजीम द्वारा यह जानकारी दी गई कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर फिलहाल उपलब्ध चावल पहाड़ी क्षेत्रों में भेजा जा रहा है, ताकि संभावित हिमपात की स्थिति में वहां आपूर्ति बाधित न हो। मैदानी क्षेत्रों में राशन वितरण इसके बाद ही किया जाएगा। इस दलील पर राशन डीलरों ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि मैदानी क्षेत्रों की अनदेखी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। यूनियन पदाधिकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही राशन वितरण की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो सभी राशन डीलर एकजुट होकर व्यापक आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी। इस दौरान शफीक अहमद, पवन कुमार, संजय सैनी, अरविंद कुमार, मुकेश शर्मा, सरताज, मोहित, हिमांशु, चमन, बिजेंदर समेत कई अन्य राशन डीलर मौके पर मौजूद रहे।




