रुड़की!
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) ने अपने ऐतिहासिक परिसर में 77वां गणतंत्र दिवस गरिमा, अनुशासन और देशभक्ति के उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर संस्थान ने न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे संवैधानिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराते हुए शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से राष्ट्र-निर्माण में योगदान देने का संकल्प व्यक्त किया।
समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान के साथ हुई। कार्यक्रम में संकाय सदस्य, छात्र, अधिकारी, कर्मचारी तथा स्कूली बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिससे राष्ट्रीय एकता और गौरव की सामूहिक भावना परिलक्षित हुई।

संस्थान समुदाय को संबोधित करते हुए आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के. के. पंत ने भारत की लोकतांत्रिक यात्रा पर प्रकाश डालते हुए एक सुदृढ़, समावेशी और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और उच्च शिक्षा की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आईआईटी रुड़की की उत्कृष्टता की विरासत के साथ यह दायित्व भी जुड़ा है कि ज्ञान और अनुसंधान को वास्तविक सामाजिक एवं राष्ट्रीय चुनौतियों के समाधान में परिवर्तित किया जाए।
प्रो. पंत ने नवाचार, बौद्धिक संपदा सृजन, आपदा-सहिष्णुता, समावेशी उत्कृष्टता तथा समुदाय-केंद्रित विकास—विशेषकर पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील और हिमालयी क्षेत्रों—में संस्थान के योगदान पर बल देते हुए विज्ञान-आधारित और प्रौद्योगिकी-सक्षम पूर्वानुमानित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, “एक विकसित भारत का निर्माण केवल मजबूत और सुरक्षित आधारों पर ही संभव है। आईआईटी रुड़की जैसे संस्थानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि अनुसंधान और नवाचार सुदृढ़ अवसंरचना, सशक्त समुदायों और समावेशी विकास की दिशा में कार्य करें, जो ‘विकसित भारत @2047’ के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप हो।”
कार्यक्रम के दौरान शैक्षणिक, अनुसंधान, नवाचार, खेल एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों, संकाय सदस्यों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया, जो संस्थान की समग्र शिक्षा और नेतृत्व विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को जीवंत बनाया और अनुशासन, एकता तथा राष्ट्र के प्रति सम्मान जैसे मूल्यों को सुदृढ़ किया।
इस अवसर पर उप निदेशक प्रो. यू. पी. सिंह, कुलसचिव श्री प्रशांत गर्ग, संस्थान के डीन, संकाय सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन समन्वित संस्थागत प्रयासों से संपन्न हुआ, जिसमें डीन छात्र कल्याण प्रो. बरजीव त्यागी तथा डीन (प्रशासन) प्रो. इंद्र वीर सिंह द्वारा व्यवस्थाओं, प्रोटोकॉल और लॉजिस्टिक्स का प्रभावी समन्वय किया गया।
समारोह का समापन इस सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कि आईआईटी रुड़की संवैधानिक मूल्यों को आत्मसात करते हुए ज्ञान, नवाचार और समाज सेवा के माध्यम से राष्ट्र की प्रगति में निरंतर योगदान देता रहेगा।




