रुद्रप्रयाग। जनपद के सुमाड़ी क्षेत्र में महिला और उसके नौ वर्षीय बेटे की हत्या के मामले में पुलिस ने फरार आरोपी दीपक बहादुर को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार को उसे जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने बताया कि 6 मार्च की शाम करीब 7:33 बजे जखोली चौकी प्रभारी को सुमाड़ी निवासी योगेंद्र सिंह ने फोन पर कमरे में शव पड़े होने की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य एकत्र किए।
जांच में पता चला कि करीब एक महीने से नेपाल निवासी दीपक बहादुर अपनी पत्नी और नौ वर्षीय बेटे के साथ किराए के मकान में रह रहा था। मकान के आसपास बदबू आने पर लोगों ने मकान मालिक को सूचना दी। जब लोग कमरे तक पहुंचे तो दरवाजा खुला मिला और अंदर सामान बिखरा हुआ था। कमरे के भीतर कंबल के नीचे महिला और उसके बेटे के शव पड़े थे, जबकि दीपक बहादुर मौके से फरार था।
पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें गठित कीं। तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी के दिल्ली में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने 8 मार्च की शाम दिल्ली से दीपक बहादुर उर्फ दिल बहादुर, निवासी जिला दैलेख (नेपाल), को गिरफ्तार कर लिया।
फेसबुक पर हुई थी दोनों की मुलाकात
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी दीपक बहादुर पहले से शादीशुदा है और उसकी पत्नी व तीन बच्चे नेपाल में रहते हैं। मृतका कमला शाही भी विवाहित थी और उसके दो बच्चे थे। वर्ष 2025 में दोनों की पहचान फेसबुक के जरिए हुई थी, जिसके बाद वे साथ रहने लगे। पहले दोनों उत्तरकाशी के मोरी क्षेत्र में रहते थे और करीब एक महीने से रुद्रप्रयाग के सुमाड़ी में रह रहे थे।
छोटी-छोटी बातों पर होता था विवाद
स्थानीय लोगों के अनुसार दीपक बहादुर और कमला शाही के बीच अक्सर घरेलू बातों को लेकर झगड़ा होता रहता था। होली की शाम भी दोनों के बीच विवाद हुआ, जो हाथापाई तक पहुंच गया। इसी दौरान गुस्से में आकर आरोपी ने पहले कमला और फिर उसके बेटे रोशन की गला दबाकर हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी शवों पर कंबल डालकर मौके से फरार हो गया था।




