बहुचर्चित गुंजन हत्याकांड में न्यायालय ने पुलिस द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट का संज्ञान ले लिया है। मामले में अब 19 मार्च को अदालत में आरोप तय किए जाएंगे। इसके बाद मुकदमे की नियमित सुनवाई शुरू होगी।
गौरतलब है कि 2 फरवरी को दूल्हा बाजार में गुंजन श्रीवास्तव की चापड़ से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके में दहशत फैल गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एसपी सिटी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। एसआईटी ने तेजी से कार्रवाई करते हुए साक्ष्य जुटाए और रिकॉर्ड तीन दिनों के भीतर ही अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। पुलिस ने 5 फरवरी को अदालत में आरोप पत्र प्रस्तुत किया था।
चार्जशीट में 35 गवाहों को शामिल किया गया है। पुलिस जांच में सामने आए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोप पत्र तैयार किया गया, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए संज्ञान ले लिया है। अब 19 मार्च को अदालत में आरोप तय किए जाएंगे।
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि मामले की सुनवाई तेजी से हो और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिले, इसके लिए पुलिस पूरी तैयारी के साथ पैरवी करेगी।
एसआईटी ने माना दुर्लभतम मामला
गुंजन हत्याकांड की जांच कर रही एसआईटी ने चार्जशीट में इस मामले को “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” यानी दुर्लभतम श्रेणी में रखा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चश्मदीदों के बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को विवेचना में शामिल करते हुए मात्र तीन दिनों में आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया।
एसआईटी ने दिन-रात काम करते हुए घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही फारेंसिक टीम को मौके पर बुलाकर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य एकत्र किए गए। घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों और अन्य गवाहों के तत्काल बयान दर्ज किए गए। इस मामले में कुल 35 गवाहों के बयान लिए गए हैं।




