रुड़की में एक बार फिर किसानों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। बिजली और राजस्व से जुड़ी समस्याओं को लेकर उत्तराखण्ड किसान मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में किसानों ने महापंचायत कर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड़ के नेतृत्व में किसानों ने विद्युत विभाग कार्यालय पर धरना दिया और सरकार व विभाग की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम अधीक्षण अभियंता के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए कई अहम मांगें रखीं।
किसानों की प्रमुख मांगों में बिजली बिलों में सिक्योरिटी के नाम पर वसूली बंद करना, ट्यूबवेल की दरें कम करना, स्मार्ट मीटर योजना वापस लेना, सरचार्ज माफ करना और बकाया पर कनेक्शन न काटना शामिल है।
धरने के बाद किसानों ने विद्युत विभाग कार्यालय से तहसील तक पैदल मार्च निकाला और अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। तहसील पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को एक और ज्ञापन सौंपा, जिसमें राजस्व से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए।
किसानों ने मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने, इकबालपुर चीनी मिल का बकाया भुगतान कराने और OBC आरक्षण बढ़ाने की भी मांग की। किसान नेता गुलशन रोड़ ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
वहीं प्रशासन ने किसानों की मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।




