रुड़की क्षेत्र की पिरान कलियर पुलिस ने सघन सत्यापन अभियान के दौरान फर्जी दस्तावेज बनाने वाले एक बड़े रैकेट का खुलासा किया है। पिरान कलियर पुलिस और स्थानीय अभिसूचना इकाई की संयुक्त टीम ने चारमीनार के पीछे स्थित अलीशान होटल में छापेमारी कर एक कथित जनसेवा केंद्र का भंडाफोड़ किया, जहां फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से आरोपी शहनवाज को गिरफ्तार किया। आरोपी स्वयं को मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष बताकर लोगों को गुमराह कर रहा था। जांच में उसका मानवाधिकार आयोग का पहचान पत्र भी पूरी तरह फर्जी पाया गया।
एक हजार से अधिक फर्जी प्रमाण पत्र बनाने की कबूलियत, जांच जारी
जांच में सामने आया कि बरामद जन्म प्रमाण पत्रों पर एक ही सीरियल नंबर अंकित था, उत्तराखंड सरकार का फर्जी लोगो इस्तेमाल किया गया था तथा नगर निगम रुद्रपुर के लेटर पैड का दुरुपयोग किया गया था। नगर पंचायत पिरान कलियर के अधिशासी अधिकारी (ईओ) ने भी इन प्रमाण पत्रों को पूरी तरह जाली बताया है।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह गूगल और अन्य ऑनलाइन माध्यमों की मदद से दस्तावेज तैयार करता था और अब तक लगभग एक हजार से अधिक फर्जी प्रमाण पत्र बना चुका है। पुलिस ने मौके से 45 कूटरचित जन्म प्रमाण पत्र, एक लैपटॉप, मोबाइल फोन, 6 आधार कार्ड, 7 विभिन्न मोहरें तथा मानवाधिकार आयोग का फर्जी पहचान पत्र बरामद किया है।
फिलहाल आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस इस फर्जीवाड़े के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने में जुटी है।




