देहरादून:
देहरादून एयरपोर्ट पर फूड एंड बेवरेज संचालन को लेकर चल रहे विवाद में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने मनीष टैक्सी सर्विस की ओर से दायर दोनों याचिकाओं को खारिज कर दिया।
कॉन्ट्रैक्ट विवाद और एएआई की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने वर्ष 2024 में फूड एंड बेवरेज आउटलेट्स के संचालन के लिए कंसेशन एग्रीमेंट किया था। इसके तहत याचिकाकर्ता की फर्म को सात वर्षों के लिए संचालन का अधिकार दिया गया था।
हालांकि, बाद में लाइसेंस शुल्क के भुगतान और अन्य शर्तों के पालन को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। एएआई का आरोप था कि याचिकाकर्ता समय पर बकाया राशि जमा नहीं कर सका, जिसके चलते कई नोटिस जारी किए गए। बकाया न चुकाने पर एएआई ने बैंक गारंटी से राशि वसूल कर 31 मई 2025 को कंसेशन एग्रीमेंट समाप्त कर दिया।
टेंडर प्रक्रिया रोकने की मांग भी खारिज
याचिकाकर्ता ने एएआई की कार्रवाई को अनुचित बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी थी और साथ ही नई टेंडर प्रक्रिया को रोकने की मांग भी की थी। उनका कहना था कि उन्हें पूरी साइट समय पर नहीं दी गई, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित हुआ।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि यह मामला पूरी तरह अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) से जुड़ा है और एग्रीमेंट में विवाद समाधान के लिए मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) का स्पष्ट प्रावधान मौजूद है। ऐसे में सीधे रिट याचिका के माध्यम से हस्तक्षेप करना उचित नहीं है।
कोर्ट ने कहा—उचित मंच पर रखें अपनी बात
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता पहले ही आर्बिट्रेशन और वाणिज्यिक न्यायालय का रुख कर चुके हैं, जहां मामला विचाराधीन है। इसलिए इस स्तर पर हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।
खंडपीठ ने यह भी कहा कि यह आदेश मामले के मेरिट पर अंतिम टिप्पणी नहीं है और याचिकाकर्ता उचित मंच पर अपनी बात रख सकते हैं।
वहीं, याचिकाकर्ता मनीष चक्रवर्ती का कहना है कि केस पूरी तरह खारिज नहीं हुआ है, बल्कि कोर्ट ने उन्हें जिला अदालत जाने की सलाह दी है। अब वे वहां अपनी बात रखेंगे।




